जयपुर
बोले: पायलट के साथ हुए वादे पूरे हों
राजस्थान कांग्रेस में बवंडर के बीच अब पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट को कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और असम कांग्रेस के प्रभारी भंवर जितेन्द्र सिंह का साथ मिल गया है। भंवर जितेन्द्र सिंह ने कहा है कि आलाकमान को पायलट के साथ किए गए वादे पूरे करने चाहिए। आपको बता दें कि हाल ही में सचिन पायलट ने आरोप लगाया था कि पार्टी आलाकमान ने जो वादे किए थे पूरे नहीं किए हैं। यहां तक कि सुलह कमेटी की रिपोर्ट तक दस माह बाद भी नहीं आई है। पायलट ने यह भी कहा कि पार्टी को सत्ता में लाने वाले कार्यकर्ताओं की सुनवाई न होना दुर्भाग्यपूर्ण है।
इसी को लेकर कांग्रेस नेता जितेन्द्र सिंह का कहना था कि सचिन पायलट भी पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष रहे हैं और पायलट की कार्यकर्ता और विधायकों के लिए आलाकमान से कुछ बातें हुई होंगी और पायलट उन वादों को ही पूरा कराने की बात कह रहे हैं। इसमें गलत कुछ भी नहीं है। आलाकमान को वादे पूरे करने चाहिए ताकि पायलट भी अपने कार्यकर्ताओं को संतुष्ट कर सकें। जितेन्द्र सिंह ने यह भी कहा है कि सचिन मेरे अच्छे मित्र हैं। उनके पिता राजेश पायलट का मुझ पर आशीर्वाद रहा था। वे हमारे परिवार के चुनावों में पूरा सहयोग करने पहुंचते थे। उनके परिवार से घनिष्ठ पारिवारिक रिश्ते हैं।
कार्यकर्ताओं को उचित सम्मान मिलना ही चाहिए
भंवर जितेन्द्र सिंह ने कहा कि पायलट अपने कार्यकर्ताओं व विधायकों को उचित सम्मान दिलाने के लिए वादे पूरा कराने की कहते हैं। मेरा भी मानना है कि राजनीतिक नियुक्तियां अविलम्ब की जाए ताकि मेहनत करने वाले कार्यकर्ताओं को उचित सम्मान मिल सके। पायलट ने जो कुछ भी बातें उठाई हैं, इसमें बुरा मानने की बात नहीं है। वे अपनी बात कह सकते हैं। कांग्रेस में कोई भी कार्यकर्ता अपनी बात कहने के लिए स्वतंत्र है।
गहलोत सरकार सुरक्षित भंवर
जितेन्द्र सिंह ने कहा कि प्रदेश की गहलोत सरकार पूरी तरह सुरक्षित है। भाजपा ने पहले भी कांग्रेस सरकार को गिराने की कोशिश की थी लेकिन कामयाब नहीं हो सकी। आगे भी हमारी सरकार को कोई खतरा नहीं है। आपको बता दें कि पिछले साल अगस्त में सचिन पायलट के नेतृत्व में राजस्थान के कई कांग्रेस विधायकों ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के खिलाफ बगावत कर दी थी। उस वक्त दोनों गुटों के नेता कई दिनों तक होटल में बाड़ेबंदी में रहे थे। तभी से दोनों खेमों में खींचतान चल रही है।
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