अनुशासनहीन अधिकारियों पर सख्त हुई सरकार, 19 विभागीय मामलों में लिए बड़े फैसले

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने विभागीय जांच के 19 मामलों का निस्तारण करते हुए दोषी अधिकारियों की वेतन वृद्धि और पेंशन रोकने का फैसला लिया। कुछ अधिकारियों को आरोप सिद्ध नहीं होने पर राहत भी दी गई।

जयपुर। राज्य सरकार ने प्रशासनिक जवाबदेही और अनुशासन को लेकर बड़ा कदम उठाते हुए विभागीय जांच के लंबित 19 मामलों का निस्तारण कर दिया है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने जांच में दोषी पाए गए अधिकारियों के खिलाफ वेतन वृद्धि और पेंशन पर रोक जैसी अनुशासनात्मक कार्रवाई को मंजूरी दी है, जबकि जिन मामलों में आरोप सिद्ध नहीं हुए, उनमें संबंधित अधिकारियों को राहत भी प्रदान की गई है।

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सरकारी सूत्रों के अनुसार, राज्य सेवा के चार कार्यरत अधिकारियों के खिलाफ आरोप प्रमाणित होने पर उनकी वार्षिक वेतन वृद्धियां रोकने का निर्णय लिया गया है। वहीं, विभागीय जांच पूरी होने के बाद आठ सेवानिवृत्त अधिकारियों की समानुपातिक पेंशन पर भी रोक लगाने के आदेश स्वीकृत किए गए हैं।

मुख्यमंत्री ने पुनरावलोकन याचिकाओं पर भी निर्णय लेते हुए चार मामलों में पूर्व में दिए गए दंड को बरकरार रखा, जबकि एक मामले में परिस्थितियों को देखते हुए दंड में आंशिक संशोधन किया गया।

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इसी क्रम में, भारतीय वन सेवा के एक अधिकारी को राहत देते हुए उनके विरुद्ध चल रही अनुशासनात्मक कार्रवाई को प्रारंभिक स्तर पर ही समाप्त कर दिया गया। इसके अलावा दो अन्य मामलों में आरोप प्रमाणित नहीं होने पर चार अधिकारियों को पूरी तरह दोषमुक्त घोषित किया गया।

सरकार का मानना है कि इन निर्णयों से प्रशासनिक व्यवस्था में जवाबदेही और पारदर्शिता को मजबूती मिलेगी। साथ ही, अधिकारियों और कर्मचारियों में कर्तव्यनिष्ठा तथा उत्तरदायित्व की भावना भी और सुदृढ़ होगी।

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