यथार्थ
डॉ. सत्यदेव आजाद
यथार्थ की छैनी
सपनों को काटती है,
छांटती है
नया रूप देती है
नहीं काया बनाती है
फिर भी
समझ में नहीं आता
आत्मा क्यों कुलबुलाती है?
रेंगते कीड़े की तरह
खुशी भाग भाग जाती है
हो सकता है-शायद
यही न कि
मज्जा के कोमल स्वप्न
बज्र बन कर कैसे सहें
हथौड़े की गहराती चोटें
कैसे ठुकरा दें
दर्द की हमदर्दी
कैसे भुलादें
सान्त्वना आंसू की
तो फिर-
थोथे पन के ताने बाने से बुने
इन अभिनव आदर्शों का
हम क्या करें?
(2313, अर्जुनपुरा, डीग गेट, मथुरा (उत्तर प्रदेश)। लेखक आकाशवाणी के सेवानिवृत्त वरिष्ठ उद्घोषक और नारी चेतना और बालबोध मासिक पत्रिका ‘वामांगी’ के प्रधान संपादक हैं)
क्या आपने ये खबरें भी पढ़ीं?
- लैंड पूलिंग पर किसानों का बड़ा विरोध, भाजपा कार्यालय में गरमाई बैठक | 12 गांवों के किसान आमने-सामने, आयोग अध्यक्ष को सौंपा ज्ञापन
- बैंक में CBI का ‘जाल’… रिश्वत का पूरा खेल ध्वस्त | नोट हाथ में लेते ही ब्रांच मैनेजर और बैंक मित्र रंगे हाथ दबोचे गए
- नौवीं अखिल भारतीय चैंपियनशिप का भव्य आगाज़ | 180 खिलाड़ी दिखाएंगे दमखम
- नौवीं अखिल भारतीय चैंपियनशिप का भव्य आगाज़ | 180 खिलाड़ी दिखाएंगे दमखम
- अब AI बताएगा कौन बनेगा अगला स्टार | श्रेयस अय्यर जुड़े इस क्रिकेट प्लेटफॉर्म से, युवा खिलाड़ियों को मिलेगा सीधा मौका
- केक नहीं, पेड़ लगाओ | MPUAT के छात्रों को मिला पर्यावरण बचाने का अनोखा मंत्र, जन्मदिन पर वृक्षारोपण का आह्वान
- मीटर उठा ले गए, फिर मांगे 25 हजार | ACB ने रिश्वत के खेल का किया ‘पावर कट’, JVVNL के AEN समेत दो गिरफ्तार
- रेगिस्तान में पानी बचाने की मुहिम को राष्ट्रीय पहचान | एमपीयूएटी के कुलगुरु डॉ. प्रताप सिंह धाकड़ को मिला प्रतिष्ठित राष्ट्रीय सम्मान
- चार रंग के डिब्बों से बदलेगी सफाई की तस्वीर | उच्चैन कन्या कॉलेज में पर्यावरण सप्ताह की शुरुआत, छात्राओं ने ली हरियाली और स्वच्छता की शपथ
- RBI का दांव और रुपये की छलांग | एक फैसले ने डॉलर के सामने 50 पैसे मजबूत कर दी भारतीय करेंसी | रेपो रेट को लेकर ये हुआ फैसला
