जयपुर
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के नव-नियुक्त सलाहकार और गंगापुर सिटी विधायक रामकेश मीणा के एक बयान ने कांग्रेस में कलह की फिर से एक लकीर खींच दी है। उन्होंने ऐसा बम फोड़ा है कि उसकी धमक दूर तक जाना तय है। रामकेश मीणा ने कहा है कि सचिन पायलट ने कांग्रेस को नुकसान पहुंचाया है। उन्होंने कहा है कि यदि ऐसे व्यक्ति को 2023 में पार्टी की कमान सौंपी गई तो राजस्थान में कांग्रेस को भारी नुकसान होगा।
रामकेश मीणा ने मीडिया से बातचीत में यह बात कही है। काफी तल्ख अंदाज में रामकेश मीना ने कहा कि सचिन पायलट का मकसद कांग्रेस को नुकसान पहुंचना है। उनका कहना था कि सचिन पायलट (Sachin Pilot) के दबाव में निर्दलीय और बसपा से कांग्रेस में आए विधायकों को मंत्रीमंडल में शामिल नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि अगर 2018 की तरह सचिन पायलट को फिर से चुनाव लड़ाने की भूमिका में रखा गया तो पार्टी को इसका खामियाजा उठाना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि कमान पूरी तरह गहलोत साहब के हाथों में होती तो कांग्रेस की 150 सीट आती। हम गहलोत सरकार के साथ संकट के समय थे यह ध्यान रखा जाना चाहिए था।
आलाकमान से करेंगे शिकायत
मुख्यमंत्री के सलाहकार रामकेश मीणा ने कहा कि यदि सचिन पायलट को 2018 की तरह चुनाव लड़ाने की भूमिका में रखा गया तो मैं और निर्दलीय विधायक ही नहीं बल्कि प्रदेश के 40 से ज्यादा विधायक कांग्रेस आलाकमान से मिलकर शिकायत करेंगे। उन्होंने निर्दलीय और बसपा से कांग्रेस में आए विधायकों को मंत्री नहीं बनाने के लिए पायलट को जिम्मेदार ठहराते हुए आरोप लगाया कि सचिन पायलट का मकसद पार्टी को कमजोर करने का रहा है। ऐसे लोग जो सरकार गिराने के लिए एड़ी चोटी का जोर लगा चुके हैं, वह वापस आकर उन विधायकों को रोकने का काम कर रहे हैं।
पायलट ने हमारे टिकट काटे
रामकेश मीना यहीं नहीं रुके, उन्होंने कहा कि हम निर्दलीय विधायक इसलिए निर्दलीय हैं क्योंकि हमारे टिकट सचिन पायलट ने ही काटे थे। इसी का नतीजा था कि हम लोग निर्दलीय लड़े लेकिन हम कांग्रेस पार्टी से निष्ठा से जुड़े हुए हैं और हमने कांग्रेस के पक्ष में खड़े होकर कोई गुनाह नहीं किया।
जिनसे मतभेद थे सचिन ने उनका पत्ता काटा
रामकेश मीना का आरोप था कि सचिन पायलट का पार्टी में जिनसे थोड़ा भी मतभेद था या उनकी विचारधारा से सहमत नहीं थे, उसी का उन्होंने पत्ता काट दिया। उनके टिकट काट दिए। उन्होंने कहा कि सचिन पायलट ने निर्दलीयों को मंत्री नहीं बनने देने के लिए 1 साल 6 महीने से मुहिम चलाई। अगर 2023 में भी उन्हें आगे रखा गया तो इससे बुरी बात पार्टी के लिए नहीं हो सकती है। रामकेश मीणा ने कहा कि अब ऐसे व्यक्ति की कांग्रेस में जरूरत नहीं है।
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