भरतपुर के सराफा व्यापारी को धमकी: ‘सेवर सेंट्रल जेल से बोल रहा हूं, पांच लाख दे देना, वरना गोली मार देंगे’ | धमकी के बाद व्यापारियों में दहशत

भरतपुर 

राजस्थान में भरतपुर के एक सराफा व्यापारी से  फोन पर  5 लाख रुपए  की रंगदारी मांगे जाने की घटना के बाद व्यापारियों में दहशत फैल गई है। पुलिस ने फिलहाल व्यापारी की शिकायत पर मामला दर्ज कर उसके घर पर सुरक्षा के लिए पुलिस तैनात कर दी है।

रंगदारी मांगने वाले बदमाश के बारे में अभी पता नहीं चल सका है। पांच लाख रुपए की रंगदारी मांगने की यह धमकी शहर के ह्रदय स्थल लक्ष्मण मंदिर पर श्रीजी ज्वैलर्स के नाम से सराफा की दुकान चलाने वाले  हरि शंकर गोयल के पुत्र शैलेंद्र गोयल को मिली है।

धमकी देने वाले बदमाश ने ने फोन पर इस व्यापारी को कहा कि वह  भरतपुर की सेवर सेंट्रल जेल से बोल रहा है। बदमाश ने पैसे न देने पर व्यापारी को गोली मारने की धमकी दी। घटना की जानकारी के बाद कोतवाली थाना अधिकारी रामकिशन यादव व्यापारी के घर पहुंचे और पूरे मामले की जानकारी लेते हुए व्यापारी के घर पर दो हथियारबंद पुलिसकर्मी तैनात कर दिए। पुलिस फिलहाल जिस नंबर से फोन आया था उसकी लोकेशन के बारे में पता लगाने में जुटी है।

बदमाश और ज्वैलर का संवाद 
बदमाश: मैं सेवर जेल से बात कर रहा हूं, मुझे 5 लाख रुपये चाहिएं।
शैलेंद्र: किसे फोन लगाया आपने।
बदमाश: तेरे लिए मिलाया है और किसके लिए मिलाया है। तू तमाम पैसा कमा रहा है 5 लाख रुपए दान नहीं दे सकता।
शैलेंद्र: किसके लिए मिलाया है फोन। बदमाश बार-बार यही कहता रहा तेरे लिए मिलाया है।
बदमाश: (धमकी देते हुए) तेरे पास 24 घंटे का समय है। 24 घंटे के अंदर मेरा आदमी तेरे पास पहुंच जाएगा, पैसे उसे दे देना। नहीं तो ध्यान रखना आगे कुछ भी हो सकता है। कब बात करूं रे से, ये बता पहले।

शैलेंद्र: कभी भी कर लेना।
शैलेंद्र: (बदमाश से दोबारा पूछा) किसे फोन मिलाया है आपने।
बदमाश: तू भरतपुर के सराफा बाजार से बोल रहा है।
शैलेंद्र: सराफा बाजार में किसके लिए फोन मिलाया है।
बदमाश: तेरे लिए मिलाया है। तेरे से पैसे चाहिए तुझे पैसे देने हैं या नहीं देने। खामखां तेरे पैर में गोली पड़वानी पड़ेगी तू लंगड़ा हो जाएगा सुलतान की तरह।
शैलेंद्र: किस चीज के पैसे चाहिए।
बदमाश: तू इतना पैसा कमा रहा है, दिक्कत हो रही है क्या तुझे 5 लाख रुपये देने में?
शैलेंद्र: चलो कोई बात नहीं है देख लेंगे।
बदमाश: पैसे चाहिए ही चाहिए, ध्यान रखना। दिमाग में बैठा लेना कुछ भी हो सकता है, ध्यान रखना।

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