नई दिल्ली
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अगर वकील दलील देने के बाद केस हार जाता है तो ऐसा मामला सेवा में कोताही का नहीं बनता है और यह सेवा में कोताही का कंज्यूमर केस नहीं बनता है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि केस हारना सेवा में कोताही नहीं है।
जस्टिस एमआर शाह की अगुवाई वाली बेंच ने कहा कि हर केस में कोई न कोई पार्टी हारता है। और अगर ऐसी स्थिति हुई कि जो हारेगा वह सेवा में कोताही का केस दर्ज करे इसकी इजाजत नहीं दी जा सकती है। सुप्रीम कोर्ट ने नैशनल कंज्यूमर फोरम के आदेश के खिलाफ दाखिल याचिका खारिज कर दी।
याचिकाकर्ता का केस तीन वकील हार गए थे और इसके बाद उसने सेवा में कोताही का आरोप लगाया और 15 लाख मुआवजे की मांग की। जिला कंज्यूमर फोरम, स्टेट फोरम और नैशनल कंज्यूमर फोरम से अर्जी खारिज होने के बाद मामला सुप्रीम कोर्ट के सामने आया था। सुप्रीम कोर्ट ने भी अर्जी खारिज कर दी।
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