भरतपुर के सेवर कस्बे के सिकलीगर मोहल्ले में मकान की छत की दीवार गिरने से सात महिलाएं मलबे में दब गईं। 80 वर्षीय प्रेमवती की मौत हो गई।
भरतपुर। सेवर कस्बे में सोमवार को बाजार जाने के लिए घरों से निकली महिलाओं को शायद अंदाजा भी नहीं था कि कुछ कदम का रास्ता उनकी जिंदगी का सबसे खौफनाक सफर बन जाएगा। सिकलीगर मोहल्ले में एक मकान की छत के ऊपर बनी दीवार अचानक भरभराकर नीचे आ गिरी। ठीक उसी वक्त वहां से गुजर रही सात महिलाएं मलबे की चपेट में आ गईं।
दीवार गिरते ही मोहल्ले में चीख-पुकार मच गई। महिलाओं को संभलने तक का मौका नहीं मिला और देखते ही देखते वे मलबे के नीचे दब गईं। हादसे के बाद आसपास के लोग दौड़कर पहुंचे और बिना किसी इंतजार के अपने हाथों से मलबा हटाकर महिलाओं को बाहर निकालना शुरू कर दिया।
JCB का इंतजार नहीं किया, लोगों ने हाथों से निकालीं महिलाएं
हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने तत्काल राहत-बचाव शुरू किया। किसी के पास जेसीबी के पहुंचने का इंतजार करने का वक्त नहीं था। लोगों ने अपने हाथों से मलबा हटाया और एक-एक कर महिलाओं को बाहर निकाला। इसके बाद सभी घायलों को पहले सेवर अस्पताल ले जाया गया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें भरतपुर के आरबीएम अस्पताल रेफर कर दिया गया। यहां उपचार के दौरान 80 वर्षीय प्रेमवती पत्नी रोशन की मौत हो गई। आरबीएम अस्पताल में अन्य घायल महिलाओं का उपचार जारी है।
प्रशासन ने बताई बंदर के कूदने को हादसे की प्रारंभिक वजह
हादसे की प्रारंभिक वजह को लेकर कलेक्टर कमर चौधरी ने बताया कि बंदर के छत पर कूदने से ऊपर बनी दीवार गिर गई। प्रशासन के अनुसार इसी के चलते नीचे से गुजर रही महिलाएं मलबे की चपेट में आ गईं। घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन और पुलिस के अधिकारी मौके पर पहुंचे और राहत-बचाव की स्थिति का जायजा लिया।
बाजार जाने के लिए निकली थीं महिलाएं
स्थानीय निवासी संजय डांगी ने बताया कि सिकलीगर मोहल्ले से महिलाएं सामान लेने के लिए बाजार की तरफ जा रही थीं। तभी अचानक मकान की दीवार भरभराकर उनके ऊपर आ गिरी। अचानक हुए हादसे के कारण किसी को संभलने का मौका तक नहीं मिला।
हादसे में घायल महिलाओं में मीरा (55) पत्नी हरदयाल, नंदनी (18) पुत्री हरदयाल, सुनीता (45) पत्नी नेमी, वीरमति (50) पत्नी ओमी और रामढकेली (60) पत्नी रमेश सहित सात महिलाएं शामिल हैं। प्रेमवती की उपचार के दौरान मौत हो गई।
घायलों से मिलने अस्पताल पहुंचे मुख्यमंत्री
हादसे की जानकारी मिलने के बाद मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा भी भरतपुर के आरबीएम अस्पताल पहुंचे। उन्होंने घायलों से मुलाकात कर उनकी कुशलक्षेम पूछी और चिकित्सकों से उनकी स्थिति की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने अस्पताल में उपचार व्यवस्था का जायजा लेते हुए घायलों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
हादसे के बाद सिकलीगर मोहल्ले में मातम और दहशत का माहौल है। जिस रास्ते से महिलाएं रोजमर्रा के काम के लिए बाजार जाती थीं, वहीं अचानक दीवार गिरने से एक परिवार ने अपना सदस्य खो दिया और कई परिवारों के लोग अस्पताल में अपनों की सलामती की चिंता में हैं।
नई हवा खबरें अपने मोबाइल पर नियमित और डायरेक्ट प्राप्त करने के लिए व्हाट्सएप नंबर 9460426838 सेव करें और ‘Hi’ और अपना नाम, स्टेट और सिटी लिखकर मैसेज करें। आप अपनी खबर या रचना भी इस नंबर पर भेज सकते हैं।
रेलवे का बड़ा फैसला: नॉन-सेफ्टी पदों पर पदोन्नति में मिलेगा ‘बेस्ट अमंगस्ट द फेल्ड’ नीति का लाभ
