जिंदगी, मौत, रिश्तों और दुनिया की बेरुखी पर लिखी सीए विनय गर्ग ‘मोहित ‘ की मार्मिक कविता। अचानक मौत के बाद बदलती दुनिया और इंसानी रिश्तों की कड़वी सच्चाई को बयां करती पंक्तियां।
बन के इक हादसा, तुम
हर जुबां पर छा जाओगे।
अचानक से चले जाओगे
और,
फोटो कल के अखबार में आ जायेगा।।1
चार लोग भी न होंगे,
कांधे देने के लिए तुझे।
मोक्ष वाहिनी में लेट के,
तू श्मशान आ जाएगा।।2
कुछ देर बातें होंगी,
तेरे बारे में वहां भी।
फिर हर शख्स,
दुनिया जहां की बातों में लग जाएगा।।3
बस इंतजार होगा,
तेरे फूंकने का वहां भी।
फिर हर शख्स बतियाते हुए,
अपने घर चला जाएगा।।4
तू जो कहता था,
जिन्हें हमदर्द अपना।
वो फिर लौट के,
न तेरे घर आएगा।। 5
यही सत्य है दुनिया का,
स्वीकार कर लो तो अच्छा है।
वरना यहां के साथ साथ,
तू वहां भी कष्ट पाएगा।। 6
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