रिश्तों की बदलती मिठास, अकेलेपन की पीड़ा और दुनिया की मतलबी सच्चाई को बयान करती एक भावुक कविता। जीवन के अनुभवों और टूटते रिश्तों पर आधारित मार्मिक अभिव्यक्ति।
Tag: CA. Vinay Garg 'Mohit'
ये तो निर्मल जल गंगा है अविरल इनको बहने दो…
हम सभी उम्र के उस पड़ाव से गुजर रहे हैं जब हम बच्चों का करियर बनाना चाहते हैं। हमारी ढेर सारी अभिलषाएं हैं। हम चाहते हैं कि हमारे बच्चे उच्च शिक्षा प्राप्त कर उच्च से उच्च पदों पर पहुंचें और
ये तो निर्मल जल गंगा है अविरल इनको बहने दो…
हम सभी उम्र के उस पड़ाव से गुजर रहे हैं जब हम बच्चों का करियर बनाना चाहते हैं। हमारी ढेर सारी अभिलषाएं हैं। हम चाहते हैं कि हमारे बच्चे उच्च शिक्षा प्राप्त कर उच्च से उच्च पदों पर पहुंचें और
