कड़वा सच…

जिंदगी, मौत, रिश्तों और दुनिया की बेरुखी पर विनय गर्ग ‘मोहित’ द्वारा लिखी मार्मिक कविता। अचानक मौत के बाद बदलती दुनिया और इंसानी रिश्तों की कड़वी सच्चाई को बयां करती पंक्तियां।

ये ‘काश’ क्या है?

‘ये काश क्या है?’ एक ऐसी कविता है जो ‘काश’ शब्द के भीतर छिपी उम्मीद, अधूरे सपनों, जीवन की बेचैनी और मुस्कान के द्वंद्व को बेहद संवेदनशील ढंग से व्यक्त करती है। यह कविता पाठक को अपने जीवन के उन अनकहे एहसासों से जोड़ती है जिन्हें अक्सर सिर्फ एक शब्द—’काश’—बयां कर देता है।