जयपुर (Jaipur) में स्वदेशी जागरण मंच (Swadeshi Jagran Manch) के उद्यमी सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि स्वदेशी भारत की सनातन परंपरा है और इसी ताकत से देश आत्मनिर्भर बनकर विश्व में महाशक्ति बनेगा।
जयपुर
जयपुर में स्वदेशी की गूंज उस वक्त और तेज हो गई जब मंच से यह संदेश दिया गया कि आत्मनिर्भर भारत की असली ताकत ‘स्वदेशी’ में ही छिपी है। मुख्यमंत्री Bhajanlal Sharma ने साफ कहा कि स्वदेशी कोई नया नारा नहीं, बल्कि भारत की हजारों साल पुरानी परंपरा है—और इसी ताकत के दम पर भारत दुनिया की महाशक्ति बनने की राह पर आगे बढ़ रहा है।
राजधानी जयपुर के जगतपुरा में आयोजित Swadeshi Jagran Manch के उद्यमी सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने स्वदेशी और आत्मनिर्भरता को भारत की असली पहचान बताया। उन्होंने कहा कि भारत की आत्मा में स्वावलंबन सदियों से बसता आया है और यही विचार आज के दौर में देश को नई आर्थिक शक्ति दे रहा है।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में भारत के ऐतिहासिक व्यापारिक वैभव का जिक्र करते हुए कहा कि जब यूरोप के देश व्यापार की तलाश में दुनिया भर में भटक रहे थे, उस समय भारत के उत्पाद वैश्विक बाजारों में प्रतिष्ठा का प्रतीक थे। मुर्शिदाबाद की मलमल, बनारस का रेशम और राजस्थान की लहरिया-बंधेज जैसे वस्त्र दुनिया भर में भारत की पहचान थे।
उन्होंने कहा कि इसी गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ाने के लिए स्वदेशी जागरण मंच लंबे समय से काम कर रहा है और देश को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi ने ‘मेक इन इंडिया’ और ‘मेक फॉर वर्ल्ड’ जैसे अभियानों के माध्यम से भारत को आत्मनिर्भर बनाने का नया मार्ग दिखाया है। उन्होंने कहा कि कोविड काल में भारत ने कई देशों को दवाइयां और वैक्सीन भेजकर यह साबित कर दिया कि आत्मनिर्भर भारत सिर्फ एक विचार नहीं, बल्कि वास्तविक ताकत है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2014 के बाद देश में व्यापक बदलाव देखने को मिला है। भारत की अर्थव्यवस्था वैश्विक स्तर पर 11वें स्थान से बढ़कर चौथे स्थान तक पहुंच चुकी है। रक्षा उत्पादन से लेकर सेमीकंडक्टर निर्माण तक देश तेजी से आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहा है।
उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर भारत का सपना केवल बड़े उद्योगों से नहीं, बल्कि छोटे और स्थानीय उद्यमियों से भी साकार होता है। स्थानीय उत्पादों की खरीद से पूरी उत्पादन श्रृंखला को मजबूती मिलती है और यही स्वदेशी की असली आत्मा है। इसी सोच के तहत राज्य सरकार ने स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए ‘पंच गौरव कार्यक्रम’ लागू किया है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने अपने पहले वर्ष में ही ‘राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट’ आयोजित कर 35 लाख करोड़ रुपये के निवेश से जुड़े एमओयू किए, जिनमें से लगभग 8 लाख करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट्स पर काम शुरू हो चुका है।
उन्होंने कहा कि राजस्थान की हस्तशिल्प परंपरा भी प्रदेश की वैश्विक पहचान है। किले, महल, अभ्यारण्य और मंदिर पर्यटन को नई ऊंचाइयों तक ले जा रहे हैं। वहीं शेखावाटी की ऐतिहासिक हवेलियां प्रदेश की सांस्कृतिक धरोहर हैं और सरकार इनके संरक्षण के लिए विशेष योजना पर काम कर रही है।
समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाले उद्यमियों को सम्मानित भी किया।
इस अवसर पर स्वदेशी जागरण मंच के राष्ट्रीय संयोजक R. Sundaram, राष्ट्रीय संगठक Kashmiri Lal, अखिल भारतीय महिला प्रमुख Archana Meena तथा Rashtriya Swayamsevak Sangh के जयपुर प्रांत के संघचालक Mahendra Singh Maggo सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।
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