राजकीय कन्या महाविद्यालय उच्चैन में रानी लक्ष्मीबाई आत्मरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन हुआ। प्राचार्या प्रो. रीता शुक्ला ने छात्राओं को आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया।
उच्चैन। आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता ही महिलाओं की सबसे बड़ी ताकत है। इसी उद्देश्य से राजकीय कन्या महाविद्यालय उच्चैन में संचालित रानी लक्ष्मीबाई आत्मरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम का सोमवार को समापन हुआ। इस दौरान प्रशिक्षण में भाग लेने वाली छात्राओं को आत्मरक्षा के गुरों को जीवन में अपनाने और दूसरी छात्राओं को भी जागरूक करने के लिए प्रेरित किया गया। कार्यक्रम में प्रशिक्षण के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली छात्राओं को पुरस्कृत कर सम्मानित किया गया
महाविद्यालय की प्राचार्या प्रो. रीता शुक्ला ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि आज की महिला किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं है। वह घर की जिम्मेदारियों के साथ-साथ समाज और राष्ट्र के प्रति अपने दायित्वों का भी कुशलतापूर्वक निर्वहन कर रही है।उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में महिलाओं के साथ होने वाले लैंगिक भेदभाव और उत्पीड़न से बचाव के लिए सरकार की ओर से संचालित आत्मरक्षा प्रशिक्षण जैसे कार्यक्रम सराहनीय हैं। ऐसे प्रशिक्षण छात्राओं में आत्मविश्वास बढ़ाने के साथ उन्हें आत्मनिर्भर बनाने में भी मददगार साबित होंगे।
प्राचार्या ने प्रशिक्षण में शामिल सभी छात्राओं से आत्मरक्षा के सीखे गए तरीकों को अपने जीवन में अपनाने और अन्य छात्राओं को भी इनके प्रति जागरूक करने का आह्वान किया। समापन समारोह में डॉ. धर्मेन्द्र शर्मा, डॉ. नरेश सागर, डॉ. उपमा सिंह और डॉ. अशोक जाटव सहित महाविद्यालय का समस्त स्टाफ तथा बड़ी संख्या में छात्राएं मौजूद रहीं।
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