ड्राइविंग लाइसेंस के नियमों में होने जा रहा है बड़ा बदलाव! अब रंग तय करेंगे नागरिकता। जानें नए सेफ्टी ट्यूटोरियल, डॉक्यूमेंट्स और अपडेट से जुड़ी सभी बड़ी बातें।
नई दिल्ली: क्या आपका ड्राइविंग लाइसेंस भी अब बदलने वाला है? सड़क परिवहन मंत्रालय ने एक ऐसा धांसू ड्राफ्ट तैयार किया है, जो देश में ड्राइविंग लाइसेंस की पूरी परिभाषा ही बदलकर रख देगा। अगर आप भी गाड़ी चलाते हैं, तो यह बदलाव आपके लिए बेहद जरूरी है। आइए जानते हैं कि सरकार के इस नए पिटारे में क्या-क्या बड़ा छिपा है।
अब रंग बताएंगे आप भारतीय हैं या विदेशी
नए प्रस्ताव के मुताबिक, देश में अब भारतीय और विदेशी नागरिकों के लिए अलग-अलग रंग के ड्राइविंग लाइसेंस जारी करने की तैयारी है। यानी लाइसेंस देखते ही यह साफ हो जाएगा कि धारक कौन है। इसके अलावा, लाइसेंस में क्यूआर कोड (QR Code) वाला स्मार्ट कार्ड होगा, लेकिन चिप का झंझट पूरी तरह खत्म कर दिया गया है।
पास होने के लिए अब पसीना छूटना तय
सरकार ने नियमों को और सख्त बनाते हुए ऑनलाइन ‘सेफ-ड्राइविंग ट्यूटोरियल असेसमेंट’ के पासिंग मार्क्स को 60% से बढ़ाकर सीधे 75% कर दिया है। इसके साथ ही हर ड्राइवर को कम से कम 30 मिनट का वीडियो ट्यूटोरियल देखना अनिवार्य होगा। अब लापरवाही के लिए कोई जगह नहीं बचेगी।
राहत भी, तो कड़ाई भी: क्या बदलेगा?
शपथ-पत्र (Affidavit) की छुट्टी: उम्र और पते के सबूत के लिए नोटरी या मजिस्ट्रेट से बनवाने पड़ने वाले शपथ-पत्रों का झंझट अब खत्म होने जा रहा है, क्योंकि इनका गलत इस्तेमाल हो रहा था।
फ्री सर्विस का तोहफा: अगर आप अपने लाइसेंस में पता या मोबाइल नंबर अपडेट कराते हैं, तो सरकार इसके लिए कोई भी चार्ज नहीं लेगी बशर्ते काम ऑनलाइन आधार ऑथेंटिकेशन से हो।
जरूरी डिटेल्स: अब लाइसेंस में ब्लड ग्रुप, मोबाइल नंबर और इमरजेंसी कॉन्टैक्ट देना कंपलसरी होगा।
तय समय सीमा: पते या नाम बदलने के ऑनलाइन आवेदनों पर अधिकारियों को 15 दिन के भीतर एक्शन लेना होगा। अगर आवेदन 30 दिन तक रुका रहा, तो वह ऑटोमैटिक अप्रूव मान लिया जाएगा।
अब देखना यह दिलचस्प होगा कि जब ये नियम पूरी तरह लागू होते हैं, तो आम चालकों की जेब और सफर पर इसका कितना असर पड़ता है।
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