लखनऊ | नई हवा ब्यूरो
लखनऊ का इकाना स्टेडियम शुक्रवार को योगी आदित्यनाथ के दुबारा मुख्यमंत्री बनने का गवाह बना। मुख्यमंत्री के साथ ही करीब चार दर्जन विधायकों को भी मंत्री बनाया गया है। राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने पद और गोपनीयता के शपथ दिलाई।
केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक को डिप्टी सीएम बनाया गया है। इसके अलावा 16 कैबिनेट मंत्री, 14 राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और 20 राज्य मंत्री बनाए गए हैं। निवर्तमान डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा, श्रीकांत शर्मा, सिद्धार्थनाथ सिंह, मुकुट बिहारी वर्मा को मंत्रिमंडल में जगह नहीं दी गई है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह सहित भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्री, पूर्व मुख्यमंत्री आदि इस शपथ समरोह के साक्षी बने। वहीं योगी सरकार की दूसरी पारी की अभूतपूर्व सफलता के लिए शुक्रवार को ब्रज के 100 से अधिक मन्दिरों में पूजा अर्चना की गई। इस कार्यक्रम में भारतीय जनता पार्टी कार्यकर्ताओं के अलावा बड़ी संख्या में आम लोग भी शामिल हुए। शपथ समारोह में पूरे प्रदेश से करीब अस्सी हजार लोगों के पहुंचने की जानकारी मिली है।
ये रहा योगी का मंत्रीमंडल
डिप्टी सीएम- केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक
कैबिनेट मंत्री- सूर्य प्रताप शाही, सुरेश कुमार खन्ना, स्वतंत्र देव सिंह, बेबी रानी मौर्य, लक्ष्मी नारायण चौधरी, जयवीर सिंह, धर्मपाल सिंह, नंद गोपाल गुप्ता नंदी, भूपेंद्र सिंह चौधरी, अनिल राजभर, जितिन प्रसाद, राकेश सचान, अरविंद कुमार शर्मा, योगेंद्र उपाध्याय, आशीष पटेल, संजय निषाद
राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार)- नितिन अग्रवाल, कपिलदेव अग्रवाल, रवीन्द्र जायसवाल, संदीप सिंह, गुलाब देवी, गिरीश चंद्र यादव, धर्मवीर प्रजापति, असीम अरुण, जेपीएस राठौर, दयाशंकर सिंह, नरेंद्र कश्यप, दिनेश प्रताप सिंह, अरुण कुमार सक्सेना, दयाशंकर मिश्र दयालु
राज्य मंत्री- मयंकेश्वर सिंह, दिनेश खटिक, संजीव गौड़, बलदेव सिंह ओलख, अजीत पाल, जसवंत सैनी, रामकेश निषाद, मनोहर लाल मन्नू कोरी, संजय गंगवार, बृजेश सिंह, केपी मलिक, सुरेश राही, सोमेंद्र तोमर, अनूप प्रधान, प्रतिभा शुक्ला, राकेश राठौर, रजनी तिवारी, सतीश शर्मा, दानिश आजाद अंसारी, विजय लक्ष्मी गौतम
विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने यूपी की 403 में से 273 सीट पर जीतकर प्रचंड जीत हासिल की है। इसके साथ ही भाजपा ने 37 साल का रिकॉर्ड तोड़ा है। लगातार दूसरी बार किसी दल की पूर्ण बहुमत की सरकार बनी है। इसके पहले 1980 के बाद 1985 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने जोरदार वापसी की थी। इसके बाद 37 साल हो गए, लेकिन कोई पार्टी सरकार दोबारा नहीं बना सकी थी।
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