जयपुर
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का मंगलवार को पार्टी मुख्यालय पर आयोजित एक बैठक के दौरान बड़ा बयान सामने आया। इस बयान के बाद पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट के खेमे में फिर से बल पड़ना तय है। गहलोत ने इस बैठक में सचिन पायलट का नाम तो नहीं लिया लेकिन तगड़ा वाला हमला बोला और कहा कि पार्टी के 19 विधायक चले जाने के बाद संकट में आई सरकार को जिन्होंने बचाया, वे उन लोगों को कैसे भूल जाएं।
राजनीतिक प्रेक्षक गहलोत के इस बयान के बाद यह मानकर चल रहे हैं कि अब पार्टी में फिर से भूचाल आ सकता है। सबसे अहम बात ये है कि गहलोत यहां तक ही नहीं रुके, उन्होंने कहा कि वे कुछ ही महीनों में अपनी केबिनेट का फिर से पुनर्गठन करेंगे। यानी उन्होंने साफ़ संकेत दे दिया कि सचिन खेमे का साथ छूटने के बाद संकट आई सरकार को जिन्होंने बचाया, उनको आगामी पुनर्गठन में एडजस्ट किया जाएगा।
आपको बता दें कि सचिन खेमे के ये 19 विधायक वही हैं जिन्होंने गहलोत के खिलाफ बगावत कर दी थी इसके बाद कांग्रेस सरकार संकट में आ गई थी। तब सरकार बचाने में निर्दलीयों और बसपा से आए विधायकों ने साथ दिया था। इन्हीं के बारे में गहलोत ने कहा कि वे इनको नहीं भूल सकते। उन्होंने कहा कि आलाकमान की परमिशन से राजस्थान में फिर कैबिनेट पुनर्गठन करेंगे।
कांग्रेस मुख्यालय में आज हुई यह बैठक दिल्ली में होने वाली महंगाई के खिलाफ कांग्रेस पार्टी की महारैली की तैयारियों को लेकर आयोजित की गई थी। इस बैठक में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (CM Ashok Gehlot Big Statement) ने राजस्थान में फिर से मंत्रिमंडल पुनर्गठन (Cabinet Reshuffle Again in Rajasthan) की बात कर प्रदेश में फिर से सियासी चर्चा छेड़ दी है।
सहयोग नहीं दिया होता तो सरकार नहीं बचती
गहलोत (CM Ashok Gehlot) ने कहा कि मंत्रिमंडल विस्तार में कई ऐसे चेहरे हैं, जिन्हें इस बार मौका नहीं दिया गया। आलाकमान से मंजूरी मिलने के बाद राजस्थान में एक बार फिर मंत्रिमंडल गठन किया जाएगा, जिससे कि उन्हें आगे शिकायत का मौका नहीं मिले। गहलोत ने कहा कि जिन लोगों ने सरकार बचाने में अपना योगदान दिया था, उन्हें भुलाया नहीं जा सकता। इन लोगों ने सरकार बचाने में सहयोग नहीं दिया होता तो सरकार नहीं बचाई जा सकती थी।
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