डीग (भरतपुर )
उड़िया बाबा के नाम से भक्तों के बीच प्रसिद्ध पूजनीय संत बाबा योगानन्द सरस्वती का देवलोकगमन होने के बाद भरतपुर के डीग स्थित आश्रम में गुरुवार को उनको भू समाधि दी गई। इस मौके पर हजारों भक्त उड़िया बाबा के दर्शनों के लिए पहुंचे। इस दौरान डीग के सभी बाजार बंद रहे।
आपको बता दें कि उड़िया बाबा के नाम से लोकप्रिय संत बाबा योगानन्द सरस्वती का निधन उड़ीसा में उनके पैतृक गांव बालासौर में मंगलवार को हो गया था। वे 80 साल के थे। निधन के बाद उनकी पार्थिव देह बुधवार देर रात प्रीतमदास मंदिर आश्रम पर लाई गई। जहां से गुरुवार सुबह उनकी शव यात्रा निकाली गई।
बाबा उड़िया की दर्शन यात्रा आज सुबह 9 बजे मंदिर प्रीतमदास आश्रम से चलकर डीग शहर के लक्ष्मन मंदिर, लोहामंडी, नई सड़क, गणेश मंदिर आदि मुख्य मार्गों से होते हुए पुनः मंदिर पंहुची। इस दौरान डीग के सभी बाजार बंद रहे। अपने संत बाबा के दर्शनार्थ हजारों की संख्या में भक्तगण उपस्थित हुए। अंतिम दर्शन यात्रा के बाद उन्हें मंदिर परिसर स्थित गोशाला में विधि विधान और मंत्रोच्चार के साथ भू-समाधि दी गई। बाबा को अंतिम विदाई देने के लिए विभिन्न स्थानों से साधु संत और कस्बेवासी पहुंचे। शव यात्रा के दौरान भारी मात्रा में पुलिस बल तैनात रहा।
संत बाबा योगानन्द सरस्वती ब्रज में मस्ता के नाम से भी मशहूर थे। बाबा डीग कस्बे स्थित प्रीतम दास की बगीची पर सन 1981 में पधारे थे। उन्होंने अपने 40 वर्ष के कार्यकाल में बगीची पर अनेक कार्यक्रम किए थे जिसे डीग के लोग याद रखते हैं।
रामानन्द सरस्वती संभालेंगे गद्दी
बाबा के अनन्त समाधि में विलीन होने के बाद उनके उत्तराधिकारी महंत रामानन्द सरस्वती (रामू बाबा) मंदिर की गद्दी पर विराजमान होंगे।
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