चंडीगढ़
हरियाणा की मनोहर खट्टर सरकार अपने कर्मचारियों के सेवा नियमों में बदलाव की तैयारी कर रही है। जल्दी ही इन नियमों को लागू किया जाएगा। राज्य सरकार ने हरियाणा के 39 महकमों में सेवा नियमों (Service Rules) में परिवर्तन का फैसला किया है। इन बदलावों के बाद हरियाणा के कई विभागों का संगठनात्मक ढांचा भी बदल जाएगा। कई विभागों में पदों को भी समाप्त किया जा रहा है। वहीं कुछ विभागों में नए पद भी सृजित होंगे।
आपको बता दें कि खट्टर सरकार ने सरकारी विभागाें में पदों के रेशनेलाइजेशन और सेवा नियमों में संशोधन के लिए पिछले साल 24 दिसंबर को अतिरिक्त मुख्य सचिव और प्रधान सचिव स्तर के दस सीनियर आइएएस अफसरों की टीम बनाई थी और विभिन्न बिंदुओं पर रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए थे। यह टीम अपनी रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंप चुकी है।
सरकार ने बनाई हाई पावर कमेटी
दस सीनियर आइएएस अफसरों की रिपोर्ट आने के बाद अब प्रदेश सरकार ने मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हाई पावर कमेटी बनाई है। यह कमेटी प्रत्येक विभाग की रिपोर्ट की जांच करेगी और अंतिम निर्णय के लिए सिफारिशें देगी। कमेटी में वित्त एवं आयोजना विभाग के प्रशासनिक सचिव, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव व सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग तथा नागरिक संसाधन सूचना विभाग के प्रधान सचिव, प्रशासनिक सचिव सदस्य होंगे। इसके अलावा संबंधित महकमों के प्रशासनिक सचिव, प्रशासनिक सुधार विभाग के सचिव, विशेष सचिव तथा राजनीतिक और सेवाएं के सचिव और विशेष सचिव भी इस कमेटी के सदस्य और सामान्य प्रशासन विभाग के प्रधान सचिव कमेटी के सदस्य सचिव होंगे।
इन विभागों का बदलेगा ढांचा
पिछले 54 साल में सिस्टम काफी बदल गया है। कंप्यूटर व नई- नई तकनीकों का इस्तेमाल हो रहा है। नई व्यवस्था में कई नए पद बनाए जा सकते हैं तो कई अनावश्यक पदों को खत्म किया जा सकता है। कई विभागों में संयुक्त और अतिरिक्त निदेशक के पद हैं जिन्हें जरूरत न होने पर खत्म किया जा सकता है।
सिंचाई, जनस्वास्थ्य विभाग, लोक निर्माण, परिवहन, सामान्य प्रशासन, लोकल आडिट, कृषि, पशुपालन, मछली पालन, बागवानी, नव ऊर्जा, चकबंदी, पंचायत, फूड सप्लाई, लैंड रिकार्ड, टाउन एंड कंट्री प्लानिंग, सचिवालय स्थापना, पर्यटन, लेबर, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता, खेल एवं युवा मामले विभाग सहित अन्य कई महकमों के सर्विस रूल्स और स्ट्रक्चर बदले जाएंगे।
जानकारी के अनुसार कमिटी ने जिन बिंदुओं की सिफारिश की है उनके अनुसार इसमें कुछ विभागों में पदों को कम या ज्यादा किया जाएगा। वहीं एक जैसी योजना पर काम करने वाले विभागों को एक किया जाएगा।अनावश्यक पदों को खत्म कर जरूरत के अनुसार नए पद सृजित किए जाएंगे और आउटसोर्सिंग से लेकर नियमित पदों की संख्या में भी बदलाव किया जाएगा।
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