नागौर के मारवाड़ मूंडवा में ATM काटकर लाखों रुपये लूटने पहुंचे दो बदमाशों को महिला बैंक मैनेजर ने सूझबूझ से अंदर ही कैद कर दिया। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया।
नागौर: आधी रात में एटीएम काटकर लाखों रुपये उड़ाने पहुंचे दो बदमाशों ने शायद सपने में भी नहीं सोचा होगा कि जिस बूथ में वे चोरी करने घुसे हैं, उसी में कैद हो जाएंगे। मारवाड़ मूंडवा में यूको बैंक की महिला ब्रांच मैनेजर सारिका चौधरी और उनके पति ने सूझबूझ दिखाते हुए बाहर से एटीएम का शटर बंद कर दोनों बदमाशों को अंदर ही लॉक कर दिया। कुछ ही देर में पुलिस पहुंची और गैस कटर से एटीएम काटने की कोशिश कर रहे दोनों आरोपियों को दबोच लिया।
वारदात रविवार देर रात करीब 2 बजे नागौर रोड स्थित यूको बैंक के एटीएम बूथ में हुई। उस समय मशीन में 16 लाख 900 रुपये कैश मौजूद था। मूंडवा में ढाबा चलाने वाला भरत प्रजापत और उसका कर्मचारी कोमल कुमार राजपूत, जो बिहार का रहने वाला है, गैस कटर और दूसरे औजार लेकर एटीएम बूथ में घुसे थे।
दोनों ने एटीएम मशीन को काटना शुरू ही किया था कि बैंक के ई-सर्विलांस सिस्टम ने अजमेर स्थित रीजनल सुरक्षा अधिकारी को अलर्ट भेज दिया।
रात 2:04 बजे आया फोन, नीचे पहुंचीं मैनेजर
सुरक्षा अधिकारी ने रात 2:04 बजे बैंक भवन के ऊपर बने क्वार्टर में रह रहीं ब्रांच मैनेजर सारिका चौधरी को फोन किया। उन्हें एटीएम में संदिग्ध गतिविधि की जानकारी दी गई। फोन मिलते ही सारिका अपने पति के साथ नीचे पहुंचीं। एटीएम बूथ के पास जाकर उन्होंने देखा कि शटर थोड़ा नीचे था और अंदर से औजार चलने की आवाजें आ रही थीं। अंदर हथियारनुमा औजारों के साथ बदमाश मौजूद थे। ऐसे में दोनों ने सीधे अंदर जाने के बजाय सूझबूझ से काम लिया। उन्होंने शटर को पूरी तरह नीचे खींचा और बाहर से ताला लगा दिया। बदमाशों को कुछ समझने का मौका मिलता, उससे पहले ही वे एटीएम बूथ के अंदर बंद हो चुके थे।
पुलिस 8 मिनट में पहुंची, गैस कटर के साथ मिले आरोपी
सारिका चौधरी ने तुरंत मारवाड़ मूंडवा थाना पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही थानाधिकारी पूरबाराम पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस के मुताबिक टीम करीब 8 मिनट में एटीएम बूथ तक पहुंच गई। पुलिस ने शटर उठाया तो अंदर दोनों आरोपी मौजूद मिले। उनके पास गैस कटर और पेचकस समेत एटीएम काटने के लिए इस्तेमाल किए जा रहे औजार थे। पुलिस ने दोनों को हिरासत में ले लिया और औजार जब्त कर लिए। इस तरह एटीएम में रखी लाखों की नकदी बच गई और चोरी की कोशिश कर रहे दोनों आरोपी वारदात को अंजाम देने से पहले ही पुलिस के हाथ लग गए।
एक अलर्ट, एक फोन और मैनेजर का फैसला… बच गया लाखों का कैश
पूरी घटना में बैंक के ई-सर्विलांस सिस्टम का अलर्ट अहम कड़ी बना। अलर्ट के बाद सुरक्षा अधिकारी ने समय रहते मैनेजर को सूचना दी और सारिका चौधरी ने खतरा देखकर सीधे बदमाशों का सामना करने के बजाय बाहर से शटर लॉक करने का फैसला लिया।
आधी रात के इस घटनाक्रम में उनकी और उनके पति की सूझबूझ से न केवल करीब 17 लाख रुपये की नकदी सुरक्षित रही, बल्कि दोनों आरोपी भी पुलिस के पहुंचने तक मौके से भाग नहीं सके।
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