महाराणा प्रताप जयंती पर 486 पौधों से प्रकृति को नमन | शिक्षा मंत्री बोले- ‘अकबर महान नहीं, आक्रांता था’, पर्यावरण संरक्षण का लिया संकल्प

कोटा में महाराणा प्रताप की 486वीं जयंती पर 486 पौधों का रोपण किया गया। कार्यक्रम में शिक्षा मंत्री मदन दिलावर, बाबा निरंजन नाथ अवधूत, गिरिराज गुप्ता, संदीप शर्मा सहित कई गणमान्य लोग शामिल हुए।

कोटा। महाराणा प्रताप की 486वीं जयंती पर राष्ट्रीय स्वाभिमान आंदोलन एवं स्वामी विवेकानन्द विचार संस्थान, कोटा ने अनूठे अंदाज में पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए 486 पौधों का सामूहिक रोपण किया। ट्रक यूनियन के पीछे स्थित कर्णेश्वर योजना क्षेत्र में आयोजित इस कार्यक्रम में इतिहास, राष्ट्रभक्ति और पर्यावरण संरक्षण का संगम देखने को मिला।

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संस्थान के राष्ट्रीय संगठन मंत्री एवं अध्यक्ष गिरिराज गुप्ता ने अतिथियों का स्वागत करते हुए बताया कि संस्था पिछले दो वर्षों में इसी क्षेत्र में 1500 से अधिक पौधे लगा चुकी है, जिनमें लगभग 95 प्रतिशत पौधे सुरक्षित एवं जीवित हैं। उन्होंने कहा कि पौधों की वर्षभर नियमित देखभाल की जाती है और आगामी तीन वर्षों में इस क्षेत्र को पर्यावरण संरक्षण के दृष्टिकोण से कोटा शहर की नंबर-1 आवासीय योजना के रूप में विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है।

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता हाड़ौती संत मंडल के संरक्षक बाबा निरंजन नाथ अवधूत ने कहा कि महाराणा प्रताप अडिग स्वाभिमान, राष्ट्रभक्ति और अदम्य संघर्ष के प्रतीक थे। उन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी मातृभूमि, संस्कृति और स्वतंत्रता की रक्षा के लिए कभी समझौता नहीं किया। उन्होंने कहा कि महाराणा प्रताप केवल महान योद्धा ही नहीं बल्कि दूरदर्शी शासक भी थे। उनके संरक्षण में तैयार हुए ‘विश्व वल्लभ’ जैसे ग्रंथ में वृक्षों के महत्व, जल संरक्षण, कम लागत में अधिक खेती, पर्यावरण संरक्षण तथा जनकल्याण से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण विषयों का उल्लेख मिलता है, जो आज भी प्रासंगिक हैं।

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कार्यक्रम के मुख्य अतिथि शिक्षा एवं पंचायतीराज मंत्री मदन दिलावर ने अपने संबोधन में कहा कि राज्य के पाठ्यक्रमों में अकबर को महान बताने की परंपरा अब स्वीकार्य नहीं होगी। उन्होंने कहा कि अकबर महान नहीं, बल्कि लुटेरा, आक्रांता, बलात्कारी और देश का दुश्मन था। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण पर जोर देते हुए कहा कि एक पेड़ अपने पूरे जीवनकाल में करोड़ों रुपये के बराबर लाभ देता है, प्रतिवर्ष लाखों रुपये मूल्य की ऑक्सीजन उपलब्ध कराता है, ध्वनि प्रदूषण कम करता है, अपशिष्ट को सोखता है तथा वर्षा और भूजल संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने कहा कि यदि वृक्षारोपण नहीं किया गया तो भविष्य में ऑक्सीजन का गंभीर संकट खड़ा हो सकता है।

कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला शिक्षा अधिकारी रामचरण मीणा ने की। विशिष्ट अतिथि के रूप में कोटा दक्षिण विधायक संदीप शर्मा ने संस्था द्वारा कर्णेश्वर आवासीय योजना क्षेत्र में पिछले तीन वर्षों से किए जा रहे सघन वृक्षारोपण अभियान की सराहना की।

वहीं नगर निगम के पूर्व नेता प्रतिपक्ष विवेक राजवंशी ने कहा कि कोरोना महामारी ने पूरी दुनिया को पेड़ों के महत्व का एहसास कराया है। आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण देने के लिए समाज को सामूहिक रूप से पर्यावरण संरक्षण की दिशा में कार्य करना होगा।

कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विभाग संघ चालक पन्नालाल शर्मा, त्रिलोकचंद जैन, पदम जैन, डॉ. एल.एन. शर्मा, बृजेश विजयवर्गीय, सी.एल. प्रजापति, दिनेश मीणा, राजेंद्र मेघवाल, नारायण गौतम, रूपचंद शर्मा, दया कृष्ण पंचोली, गोपाल यादव, मोहन सेन शास्त्री सहित बड़ी संख्या में प्रबुद्धजन मौजूद रहे।

कार्यक्रम के अंत में संस्थान के महामंत्री धवल सिंघल ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया, जबकि मंच संचालन सुरेश राठौर ने किया।

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