नर-नारी
दिशा पंवार
न नर पर नारी,
न नारी पर नर भारी।
जीवन है रंगमंच,
दोनों की है भागीदारी।
फिर कैसे कहते हो,
नर ऊंचा या नारी।
तिनका तिनका चुन लाए,
तभी नीड की हुई तैयारी।
घर की गाड़ी तभी चले,
जब दोनों की हो हिस्सेदारी।
फिर कैसे कहते हो,
नर ऊंचा या नारी।
चुग लाए जब दाना दाना,
तभी भोज की हुई तैयारी।
साधु भूखा जाए कभी न,
दोनों की है जिम्मेदारी।
फिर कैसे कहते हो…….।
त्याग किया दोनों ने मिलकर,
तब महकी यह जीवन क्यारी।
नव सृजन किया दोनों ने मिलकर,
तब कहलाए जग प्रतिहारी।
फिर कैसे कहते हो,
नर ऊंचा या नारी।
(लेखिका राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सीही सैक्टर 7 फरीदाबाद, हरियाणा में संस्कृत की प्रवक्ता हैं)
क्या आपने ये खबरें भी पढ़ीं?
- रिश्वत की रकम ने खोला राज | 15 हजार लेते पकड़ा गया AEN, जेब से निकले 5.23 लाख, दूसरा अफसर फरार
- मेगा हाईवे पर मौत की टक्कर | बस-ट्रक आमने-सामने भिड़े, 5 यात्रियों की मौके पर ही दर्दनाक मौत
- खेत से घर लौटते वक्त काल बना ट्रैक्टर | झटके से उछला 10 साल का रोहित, पहिए के नीचे आकर दर्दनाक मौत
- डाक अब दौड़ेगी 24 घंटे में | ‘स्पीड पोस्ट-24’ से अगले दिन डिलीवरी की गारंटी
- कविता, विमोचन और सम्मान का संगम | स्वास्थ्य मंदिर में गूंजे साहित्य के सुर, ‘प्रेम की परछाइयां’ का हुआ लोकार्पण
- एटीएम से मिलेंगे अब छुट्टे पैसे | ₹10, ₹20 और ₹50 के नोट निकालने की नई सुविधा शुरू
- समाज सेवा को मिला सम्मान | भरतपुर के ओ.पी. माहेश्वरी जयपुर में प्रादेशिक सभा द्वारा सम्मानित
- राजस्थान को जानने-समझने की पहल | रामेश्वरी देवी कन्या महाविद्यालय में प्रतियोगिताओं से गूंजा ‘विकसित राजस्थान’ का स्वर
- बैंक के भीतर गूंजी गोली | छुट्टी के विवाद में गार्ड ने मैनेजर को उतारा मौत के घाट
- जीवन …
