अब नहीं होगी ट्रेनों की टक्कर? रेल ट्रैक पर लगने जा रहा ‘कवच’, केंद्र ने दी मंजूरी | जानिए कैसे बचेंगी हजारों जानें

भारतीय रेलवे ने ईस्ट कोस्ट रेलवे के 631 किमी रेल मार्ग पर स्वदेशी ‘कवच’ ट्रेन सुरक्षा प्रणाली लगाने को मंजूरी दी है। 270 करोड़ रुपये की इस परियोजना से ट्रेन सुरक्षा, समयपालन और परिचालन दक्षता में बड़ा सुधार होगा।

नई दिल्ली। भारतीय रेलवे अपने सुरक्षा तंत्र को लगातार आधुनिक बना रहा है। इसी कड़ी में रेल मंत्रालय ने ईस्ट कोस्ट रेलवे के 631 किलोमीटर लंबे रेल मार्ग पर स्वदेशी ट्रेन सुरक्षा प्रणाली ‘कवच’ लगाने की मंजूरी दे दी है। करीब 270 करोड़ रुपये की लागत वाली यह परियोजना छह प्रमुख रेल खंडों में लागू होगी, जिससे ट्रेनों की सुरक्षा पहले से कहीं अधिक मजबूत होगी।

कोचिंग में लगी आग, चीखों से कांपा लखनऊ | धुएं में घिरे छात्रों ने छत-छज्जों से लगाई छलांग, 15 मौतों की खबर, रेस्क्यू में जुटी टीमें | देखें वीडियो

रेल मंत्रालय के अनुसार, यह परियोजना बाघुआपाल–बुढ़ापंक, हरिदासपुर–पारादीप, खुर्दा रोड–बलांगीर, नौपाड़ा–गुनुपुर, लांजीगढ़ रोड–जूनागढ़ और बोब्बिली–सलूर रेल सेक्शनों को कवर करेगी। इन मार्गों पर ‘कवच’ लागू होने के बाद ट्रेन संचालन अधिक सुरक्षित और तकनीकी रूप से सक्षम बनेगा।

‘कवच’ पूरी तरह भारत में विकसित की गई ऑटोमैटिक ट्रेन प्रोटेक्शन (ATP) प्रणाली है। इसका उद्देश्य सिग्नल तोड़ने, निर्धारित गति से अधिक तेज ट्रेन चलने और आमने-सामने की टक्कर जैसी गंभीर दुर्घटनाओं को रोकना है। यह तकनीक ट्रेनों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखती है और खतरे की स्थिति बनने पर स्वतः ब्रेक लगाकर दुर्घटना की आशंका को कम कर देती है।

जयपुर में ‘खदीजा’ बनकर जैश के लिए काम कर रही महिला स्लीपर सेल गिरफ्तार, मोबाइल से आतंकियों के नेटवर्क के सुराग

रेल मंत्रालय का कहना है कि यह परियोजना भारतीय रेलवे के उस व्यापक अभियान का हिस्सा है, जिसके तहत पूरे रेल नेटवर्क पर एलटीई आधारित संचार प्रणाली के साथ ‘कवच’ तकनीक को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जा रहा है। इससे न केवल यात्रियों की सुरक्षा बढ़ेगी, बल्कि मालगाड़ियों के संचालन में भी विश्वसनीयता आएगी।

अधिकारियों के मुताबिक, घने कोहरे और खराब मौसम जैसी परिस्थितियों में भी ‘कवच’ ट्रेनों के सुरक्षित संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। साथ ही ट्रेनों की समयपालन क्षमता, परिचालन दक्षता और नेटवर्क की विश्वसनीयता में भी सुधार होने की उम्मीद है।

रेलवे सुरक्षा के आधुनिकीकरण की दिशा में सरकार लगातार निवेश बढ़ा रही है। इसी महीने पूर्वी रेलवे के हाई डेंसिटी और हाईली यूटिलाइज्ड नेटवर्क पर स्थित 32 स्टेशनों में इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग प्रणाली लगाने के लिए भी 405 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई थी। इन दोनों परियोजनाओं को रेलवे के सुरक्षित, स्मार्ट और आधुनिक नेटवर्क की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

नई हवा खबरें अपने मोबाइल पर नियमित और डायरेक्ट प्राप्त करने  के लिए व्हाट्सएप नंबर 9460426838 सेव करें और ‘Hi’ और अपना नाम, स्टेट और सिटी लिखकर मैसेज करें। आप अपनी खबर या रचना भी इस नंबर पर भेज सकते हैं।

‘India’ नहीं, अब सिर्फ ‘भारत’, राष्ट्रपति के दीक्षांत समारोह से पहले यूनिवर्सिटी का बड़ा फैसला | डिग्री-मार्कशीट से हटा ‘India’, अब सिर्फ ‘भारत’

ये ‘काश’ क्या है?

SBI में 1500 प्रोबेशनरी ऑफिसर पदों पर भर्ती: 8 जुलाई तक करें आवेदन, 21.97 लाख तक मिलेगा सालाना पैकेज

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *