IBPS
सरकारी बैंक क्लर्क की परीक्षा के तैयारी में लगे लाखों एप्लीकेंट को अब इस परीक्षा के लिए थोड़ा और इंतजार करना होगा क्योंकि वित्त मंत्रालय (Finance Ministry) ने सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में क्लर्क (Government Bank Clerk Job) के पदों पर भर्ती के लिए IBPS clerk exam 2021 पर फिलहाल रोक लगा दी है।
मंत्रालय ने बैंकिंग कार्मिक चयन संस्थान (IBPS) को निर्देश दिए हैं कि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में क्लर्क कैडर की परीक्षा को उस समय तक आयोजित नहीं किया जाए जब तक कि क्षेत्रीय भाषाओं में परीक्षा लेने के बारे में फैसला नहीं हो जाता।
पीआईबी की ओर से जारी वित्त मंत्रालय के इस बयान में बताया गया है कि क्लर्क कैडर की परीक्षा स्थानीय/ क्षेत्रीय भाषाओं में कराने की मांग पर एक समिति का गठन किया गया है। समिति इस पूरे मामले पर गौर करेगी। इसका फैसला आने के बाद ही क्लर्क कैडर की परीक्षा को आयोजित करने का फैसला किया जाएगा।
आईबीपीएस फिलहाल नहीं लेगा परीक्षा
बयान में कहा गया है कि समिति अपनी सिफारिशें 15 दिन के अंदर देगी। तब तक आईबीपीएस (IBPS) की तरफ से मौजूदा परीक्षा आयोजित नहीं होगी। समिति की सिफारिशें आने के बाद ही परीक्षा आयोजित की जाएगी।
आपको बता दें कि आईबीपीएस ने हाल में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में क्लर्क ग्रेड में भर्ती का विज्ञापन निकाला है। इसके तहत परीक्षा सिर्फ दो भाषाओं अंग्रेजी और हिंदी में होती है। परीक्षा का आयोजन क्षेत्रीय भाषाओं में भी करने की मांग उठती रही है। भारत के संविधान में 22 भाषाओं को मान्यता है। वित्त मंत्री ने जुलाई, 2019 में संसद को भरोसा दिलाया था कि क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों (Regional Rural Banks) में भर्ती के लिए परीक्षा का आयोजन अंग्रेजी और हिंदी के साथ क्षेत्रीय भाषाओं में भी किया जाएगा।
आरआरबी में 13 भारतीय भाषाओं में होती है परीक्षा
वित्त मंत्रालय ने कहा है कि वित्त मंत्री का उक्त बयान केवल क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों (आरआरबी) के संदर्भ में था। रोजगार के मौकों का लाभ उठाने के सन्दर्भ में, स्थानीय युवाओं को समान अवसर प्रदान करने के लिए, सरकार ने 2019 में निर्णय लिया था कि आरआरबी में कार्यालय सहायक और अधिकारी स्केल की भर्ती के लिए, हिंदी तथा अंग्रेजी के अलावा कोंकणी और कन्नड़ सहित 13 क्षेत्रीय भाषाओं में परीक्षा आयोजित की जाएगी। तब से इन भर्तियों के लिए क्षेत्रीय भाषाओं में भी परीक्षा आयोजित की जा रही हैं।
वित्त मंत्रालय ने कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (पीएसबी) के लिपिक संवर्ग के लिए स्थानीय/ क्षेत्रीय भाषाओं में परीक्षा आयोजित करने की मांग पर विचार करने के लिए एक समिति का गठन किया गया है, जो इस मामले पर संपूर्णता के साथ विचार करेगी। समिति 15 दिनों के भीतर अपनी सिफारिशें प्रस्तुत करेगी। लिहाजा आईबीपीएस द्वारा परीक्षा आयोजित करने की वर्तमान में जारी प्रक्रिया को समिति की सिफारिशें उपलब्ध होने तक स्थगित रखा जाएगा।
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