आगरा में सीबीआई ने पंजाब नेशनल बैंक की भद्रौली शाखा के मैनेजर को 19 सोलर पैनल लोन फाइलों के बदले रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया। पहली किस्त के 30 हजार रुपये लेते ही सीबीआई ने ट्रैप कार्रवाई की।
आगरा। जिन 19 लोन फाइलों पर बैंक की मंजूरी पहले ही लग चुकी थी, उन्हें आगे बढ़ाने के लिए कथित तौर पर रिश्वत की मांग की जा रही थी। लेकिन जैसे ही पहली किस्त के तौर पर नकदी हाथ में आई, पूरा खेल पलट गया। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने पंजाब नेशनल बैंक (PNB) की भद्रौली शाखा, बरहन के शाखा प्रबंधक प्रवीन कुमार को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ दबोच लिया।
सीबीआई के अनुसार, कार्रवाई की शुरुआत एक निजी कंपनी में कार्यरत शिकायतकर्ता की शिकायत से हुई। शिकायत में आरोप लगाया गया कि बैंक मैनेजर 19 सोलर पैनल लोन फाइलों की प्रोसेसिंग और आगे की मंजूरी के नाम पर प्रति फाइल 7 हजार रुपये की रिश्वत मांग रहा था।
7 हजार प्रति फाइल से शुरू हुई सौदेबाजी, 52 हजार पर बनी बात
शिकायत के मुताबिक, बातचीत के बाद कथित तौर पर सौदा 52 हजार रुपये में तय हुआ। आरोप है कि बैंक मैनेजर ने 19 लोन फाइलों को आगे बढ़ाने के बदले यह रकम मांगी, जबकि ये सभी फाइलें पहले से ही बैंक द्वारा स्वीकृत की जा चुकी थीं।
यानी आरोप यह है कि मंजूरी मिलने के बाद भी लाभार्थियों तक प्रक्रिया पहुंचाने के लिए रिश्वत की मांग की जा रही थी।
पहली किस्त लेते ही CBI ने दबोचा
शिकायत मिलने के बाद सीबीआई ने पूरा जाल बिछाया। जांच एजेंसी के मुताबिक, आरोपी मैनेजर ने शिकायतकर्ता से पहली किस्त के रूप में 30 हजार रुपये मांगे। जैसे ही उसने रकम स्वीकार की, पहले से मौके पर मौजूद सीबीआई टीम ने उसे रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।
अब दूसरे कर्मचारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में
सीबीआई ने आरोपी बैंक मैनेजर को 25 जून को गिरफ्तार किया। उसे शुक्रवार को गाजियाबाद की सक्षम अदालत में पेश किया जाएगा।
जांच एजेंसी का कहना है कि मामला केवल एक व्यक्ति तक सीमित है या इसमें अन्य बैंककर्मियों की भी भूमिका रही है, इसकी भी गहन जांच की जा रही है। रिश्वतखोरी से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल जारी है।
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