मेरठ में दिल्ली-देहरादून हाईवे पर राजस्थान रोडवेज की डबल डेकर एसी बस में भीषण आग लग गई। 26 यात्री सुरक्षित बच गए, लेकिन लाखों रुपये का सामान जलकर राख हो गया। जानिए पूरा घटनाक्रम।
मेरठ/जयपुर। हाईवे पर दौड़ रही राजस्थान रोडवेज की डबल डेकर एसी बस में सब कुछ सामान्य था। यात्री हरिद्वार पहुंचने के सपने बुन रहे थे। तभी पीछे से आ रहे एक बाइक सवार ने ऐसा मंजर देखा, जिसने कुछ ही सेकंड में 26 लोगों की जिंदगी बदल दी। बस के पिछले हिस्से से धुआं और आग की लपटें उठ रही थीं।
बाइक सवार ने तेजी से बस का पीछा किया, उसे ओवरटेक किया और ड्राइवर को जोर-जोर से इशारा करते हुए चिल्लाया—’बस में आग लगी है… तुरंत रोकिए’
बस चालक ने बिना एक पल गंवाए दादरी फ्लाईओवर से उतरते ही वाहन को दिल्ली-देहरादून नेशनल हाईवे के किनारे रोक दिया। अगले दो मिनट में जो हुआ, वह किसी फिल्मी सीन से कम नहीं था।
2 मिनट में बस खाली, फिर आग ने सब कुछ निगल लिया
जैसे ही यात्रियों को आग लगने का पता चला, बस के भीतर अफरा-तफरी मच गई। मुख्य दरवाजा छोटा था, इसलिए बाहर निकलने की होड़ शुरू हो गई। हालात बिगड़ते देख कई युवाओं ने खिड़कियां और इमरजेंसी रास्ते खोल दिए। महिलाएं, बुजुर्ग और अन्य यात्री एक-एक कर बाहर निकलते गए।
महज 2 से 3 मिनट के भीतर बस में सवार सभी 26 यात्री सुरक्षित नीचे उतर चुके थे। लेकिन असली परीक्षा अभी बाकी थी।
ड्राइवर-कंडक्टर ने दिखाई बहादुरी, लेकिन…
जयपुर के सूर्य नगर कॉलोनी निवासी चालक राजेंद्र कुमार और सीकर निवासी परिचालक रामकुमार हुड्डा ने यात्रियों की जान बचाने के बाद बस की डिग्गी खोलकर उनका सामान निकालने की कोशिश की।
उन्होंने मुश्किल से दो-तीन बैग ही बाहर निकाले थे कि अचानक एसी गैस पाइप फट गया। अगले ही पल आग ने पूरी बस को चारों ओर से घेर लिया। दोनों कर्मचारियों को भी जान बचाने के लिए पीछे हटना पड़ा और यात्रियों का बाकी सारा सामान बस के साथ जलकर राख हो गया।
2 किलोमीटर दूर तक दिखा काला धुआं
कुछ ही मिनटों में आग इतनी विकराल हो गई कि उसका घना काला धुआं करीब दो किलोमीटर दूर से दिखाई देने लगा। देखते ही देखते पूरी डबल डेकर एसी बस आग का गोला बन गई। हाईवे पर वाहनों की लंबी कतार लग गई और कुछ समय के लिए यातायात पूरी तरह प्रभावित हो गया।
शॉर्ट सर्किट से शुरू हुई तबाही
प्रारंभिक जांच और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, गुरुवार रात करीब 10 बजे राजस्थान रोडवेज की यह बस जयपुर से हरिद्वार के लिए रवाना हुई थी।
शुक्रवार सुबह करीब 7:10 बजे, जब बस मेरठ और मुजफ्फरनगर बॉर्डर के पास पहुंची, तभी पीछे लगे एसी के वायरिंग सिस्टम में शॉर्ट सर्किट हो गया। इसी से बस के पिछले हिस्से में आग लगी और कुछ ही देर में धुआं पूरे केबिन में फैल गया।
मुख्य अग्निशमन अधिकारी सुरेंद्र सिंह के मुताबिक सुबह करीब 7:30 बजे सूचना मिलते ही मेरठ और मुजफ्फरनगर से दमकल की गाड़ियां मौके पर भेजी गईं। सरधना से एक, मेरठ से दो और मुजफ्फरनगर से एक दमकल वाहन आग बुझाने में जुटे।
करीब 20 से 25 मिनट में बस पूरी तरह जल चुकी थी, लेकिन उसके ढांचे में धधक रही आग को पूरी तरह बुझाने में डेढ़ से दो घंटे तक लगातार मशक्कत करनी पड़ी।
सुरक्षित हरिद्वार रवाना किए गए यात्री
हादसे के बाद मेरठ पुलिस और उत्तर प्रदेश परिवहन विभाग ने सभी 26 यात्रियों के लिए जलपान की व्यवस्था की। इसके बाद उन्हें दूसरी सुरक्षित बस से विधिवत हरिद्वार के लिए रवाना किया गया।
इस हादसे में सबसे बड़ी राहत यही रही कि 26 लोगों की जान बच गई, लेकिन यात्रियों के लाखों रुपये का सामान, कपड़े और जरूरी बैग देखते ही देखते आग की भेंट चढ़ गए।
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