सुबह-सुबह क्यों खुलेंगी अदालतें? | राजस्थान में 13 अप्रैल से बदल जाएगी कोर्ट की घड़ी

राजस्थान हाईकोर्ट और प्रदेश की सभी अधीनस्थ अदालतों में 13 अप्रैल से ग्रीष्मकालीन समय-सारिणी लागू होगी। अब अदालतों में सुनवाई सुबह 8 बजे से शुरू होगी, यह व्यवस्था 28 जून तक प्रभावी रहेगी।

‘घर से काम नहीं, ऑफिस आओ…’ | प्रेग्नेंट कर्मचारी को WFH न देने पर कोर्ट ने कंपनी पर ₹200 करोड़ ठोका

अमेरिका के ओहायो में प्रेग्नेंट कर्मचारी को वर्क फ्रॉम होम की अनुमति न देने के मामले में कोर्ट ने कंपनी पर 2.25 करोड़ डॉलर (करीब ₹200 करोड़) का जुर्माना लगाया। समय से पहले डिलीवरी के बाद नवजात की मौत हो गई थी।

11 साल से ‘जिंदा’ मानकर चलता रहा केस | जज ने कहा—वीडियो कॉल पर पेश करो… पता चला, पीड़ित 2015 में ही मर चुका!

गुजरात हाईकोर्ट में हैरान करने वाला खुलासा—जिस व्यक्ति के नाम पर मुआवजे का केस चल रहा था, उसकी 2015 में ही मौत हो चुकी थी। 11 साल बाद अदालत में सामने आया सच।

गोद लेने वाली महिलाओं को भी पूरा मातृत्व अधिकार | सुप्रीम कोर्ट ने कहा—अब हर एडॉप्टिव मदर को मिलेगा 12 हफ्ते का अवकाश

सुप्रीम कोर्ट ने फैसला दिया कि बच्चा गोद लेने वाली महिला कर्मचारियों को भी 12 हफ्ते का मातृत्व अवकाश मिलेगा। उम्र के आधार पर किया गया भेदभाव असंवैधानिक करार।

बीमार कर्मचारी को दूर भेजना अमानवीय | हाईकोर्ट ने बैंक कर्मचारी का तबादला आदेश किया रद्द

राजस्थान हाईकोर्ट ने गंभीर बीमारी से पीड़ित SBI कर्मचारी का जयपुर से हैदराबाद तबादला रद्द करते हुए कहा कि कर्मचारियों की मेडिकल स्थिति को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

फैमिली कोर्ट में ‘काले चोगे’ क्यों? | बच्चों के डर को खत्म करने के लिए बदलनी होगी अदालत की परंपरा: CJI सूर्यकांत

मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने कहा कि फैमिली कोर्ट में काले चोगे और वर्दी बच्चों में डर पैदा कर सकती है। उन्होंने अदालतों को अधिक सहज और संवेदनशील बनाने की जरूरत बताई।

Judgment: रिश्वत लेने वाले कर्मचारी को नहीं मिलेगी ढाल | सह-आरोपी बरी हो जाए, तब भी नहीं धुलेगा भ्रष्टाचार

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यदि सरकारी कर्मचारी रिश्वत मांगने और लेने का दोषी है तो सह-आरोपी के बरी होने या साज़िश साबित न होने के आधार पर उसे बरी नहीं किया जा सकता।

‘जीरो नंबर वाले भी नौकरी के हकदार?’ | फोर्थ क्लास भर्ती पर हाईकोर्ट हैरान, सरकार से मांगा जवाब

राजस्थान में फोर्थ क्लास भर्ती 2024 में जीरो या नेगेटिव अंक लाने वाले अभ्यर्थियों को नियुक्ति देने के मुद्दे पर हाईकोर्ट ने सरकार से जवाब मांगा और न्यूनतम योग्यता तय न होने पर कड़ी टिप्पणी की।

रेट्रोस्पेक्टिव प्रमोशन पर ‘नो वर्क नो पे’ नहीं चलेगा | हाईकोर्ट बोला—अफसरों की गलती का खामियाजा कर्मचारी क्यों भुगते?

हाईकोर्ट ने कहा कि यदि कर्मचारी को प्रशासनिक गलती से समय पर प्रमोशन नहीं मिला और बाद में रेट्रोस्पेक्टिव प्रमोशन दिया गया, तो “नो वर्क नो पे” का हवाला देकर वेतन के एरियर से इंकार नहीं किया जा सकता।

‘दिनदहाड़े न्यायिक हत्या’ | हाई कोर्ट ने जज पर साधा निशाना, फैसले को बताया गंभीर कदाचार

हाई कोर्ट ने सिविल अदालत के एक जज के खिलाफ सख्त टिप्पणी करते हुए 13 मई 2025 का फैसला रद्द किया। प्रॉपर्टी विवाद में किरायेदार को मालिकाना हक देने पर कोर्ट ने इसे ‘दिनदहाड़े न्यायिक हत्या’ बताया और प्रशासनिक कार्रवाई की सिफारिश की।