UGC नियमों पर सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी | ‘जातिविहीन समाज की ओर जा रहे हैं या पीछे?’— नए नियमों पर रोक, 2012 के नियम बहाल

सुप्रीम कोर्ट ने UGC के नए नियमों पर रोक लगाते हुए 2012 के नियम बहाल किए, CJI सूर्यकांत ने कहा—क्या हम जातिविहीन समाज से पीछे जा रहे हैं?

केंद्रीय अफसर भी अब राज्य ACB के रडार में | सीबीआई की इजाज़त बिना भी जांच वैध, सुप्रीम कोर्ट ने लगाई मुहर

सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाते हुए कहा कि राजस्थान ACB को केंद्रीय कर्मचारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार मामलों में सीबीआई की अनुमति बिना जांच और चार्जशीट दाखिल करने का अधिकार है।

फैसला उसी जज का होगा | ट्रायल पूरा, बहस खत्म—ट्रांसफर से न्याय नहीं रुकेगा

हाई कोर्ट ने कहा कि आपराधिक मामलों में फाइनल बहस के बाद फैसला सुरक्षित होने पर वही जज फैसला सुनाएगा, भले ही उसका ट्रांसफर क्यों न हो जाए।

सिर्फ ट्रैप काफी नहीं, रिश्वत केस में हाईकोर्ट ने खींची लकीर | जानिए पूरा मामला

राजस्थान हाईकोर्ट ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि केवल ट्रैप की कार्यवाही या रिश्वत की रकम बरामद हो जाना, किसी सरकारी कर्मचारी को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत दोषी ठहराने के लिए पर्याप्त नहीं है।

रिटायरमेंट से पहले छक्कों की बरसात!| सुप्रीम कोर्ट की दो-टूक टिप्पणी—जज आख़िरी दिनों में क्रिकेट खेलने न उतरें

सुप्रीम कोर्ट ने रिटायरमेंट से पहले जजों द्वारा दिए जा रहे विवादित आदेशों पर तीखी टिप्पणी की। सीजेआई सूर्यकांत ने कहा—कुछ जज आख़िरी ओवर में बल्लेबाज़ की तरह छक्के मारने लगते हैं।

अब हफ्ते में छह दिन चलेगा न्याय | जैसलमेर में फुल कोर्ट मीटिंग से निकला बड़ा फैसला, हाईकोर्ट के दरवाज़े अब दो शनिवार भी खुलेंगे

न्यायिक इतिहास में एक अहम मोड़ पर राजस्थान हाईकोर्ट पहुंचता दिख रहा है। जैसलमेर में हुई फुल कोर्ट मीटिंग के दौरान हाईकोर्ट को लेकर एक बड़ा और दूरगामी फैसला लिया गया है। अब राजस्थान हाईकोर्ट महीने में दो

जज ने किया पॉवर का मिसयूज, हाईकोर्ट ने किया सस्पेंड | जज ने DSP को गिरफ्तार करने का दिया था आदेश

पावर का गलत इस्तेमाल करने पर पूर्व प्रिंसिपल सेशंस जज को हाई कोर्ट ने सस्पेंड कर दिया। डीएसपी और कांस्टेबल के रिमांड ऑर्डर के दुरुपयोग पर हाई कोर्ट विजिलेंस विंग की जांच के बाद कार्रवाई।

कानून की किताब में जो धारा है ही नहीं… उसी पर दे दिया तलाक! हाईकोर्ट सख्त; बोला- फैमिली कोर्ट जज ने ‘काल्पनिक 28A’ के नाम पर तोड़ी शादी, डिक्री तुरंत रद्द—अब वैवाहिक कानूनों की ट्रेनिंग अनिवार्य

फैमिली कोर्ट में ऐसा “न्यायिक कारनामा” हुआ कि हाईकोर्ट तक दंग रह गया—जज ने तलाक का फैसला उस धारा 28A पर आधारित कर दिया… जो भारतीय कानून की किसी भी किताब में मौजूद ही नहीं है! न गवाही ली, न

मोबाइल नोटिफिकेशन को ही सच मान बैठे जज साहब! पॉप-अप देखकर दे दिया फैसला | हाई कोर्ट ने फटकार लगाई—एक बार आदेश पढ़ तो लेते

मोबाइल स्क्रीन पर एक पॉप-अप चमका… और जज साहब ने उसे मान लिया कानून का अंतिम शब्द। पॉप-अप अलर्ट को “सुप्रीम कोर्ट का आदेश” समझकर अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ने अग्रिम जमानत खारिज कर दी—और जब मामला हाई कोर्ट पहुंचा तो वहां

घूसकांड में सनसनी: ‘वॉन्टेड’ जज ने खुद तय की थी 15 लाख की कीमत | क्लर्क की गिरफ्तारी के बाद ACB ने हाईकोर्ट से मांगी जज से पूछताछ की अनुमति

15 लाख रुपये की भारी-भरकम रिश्वत के हाई-प्रोफाइल केस में अब ACB की जांच ने एक ऐसा मोड़ ले लिया है, जिसने न्यायिक प्रणाली को हिलाकर रख दिया है। सिविल कोर्ट के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश एजाज़ुद्दीन सलाउद्दीन काज़ी,