बूंदी में एसीबी ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन फॉरेस्ट गार्डों को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया। आरोप है कि किसान से जेसीबी मशीन चलाने देने के बदले हर महीने 50 हजार रुपये की मांग की जा रही थी।
बूंदी में एक किसान से खेत सुधारने की कीमत फसल से नहीं, बल्कि रिश्वत से वसूलने की कोशिश आखिरकार वनकर्मियों पर भारी पड़ गई। जेसीबी मशीन चलाने देने के बदले हर महीने मोटी रकम मांगने के आरोप में तीन फॉरेस्ट गार्ड एसीबी के जाल में फंस गए। जैसे ही रिश्वत की रकम हाथ में आई, एसीबी की टीम ने उन्हें रंगे हाथों धर दबोचा।
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की कोटा इकाई ने सोमवार को बूंदी जिले में ट्रैप कार्रवाई करते हुए वन विभाग के तीन फॉरेस्ट गार्डों को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों में रूपाराम, रामावतार और विजेन्द्र शामिल हैं। वहीं एक अन्य फॉरेस्ट गार्ड साबूलाल को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
एसीबी के अनुसार मामला ग्राम लक्ष्मीपुरा का है, जहां एक किसान अपनी जेसीबी मशीन से खेत सुधार और खाद डालने का काम कर रहा था। आरोप है कि वन विभाग के कर्मचारियों ने मशीन चलाने देने के बदले उससे हर महीने मोटी रिश्वत की मांग शुरू कर दी। रिश्वत नहीं देने पर जेसीबी जब्त करने और कार्रवाई करने की धमकी भी दी गई।
शिकायत मिलने के बाद एसीबी ने मामले की जांच शुरू की। जांच के दौरान यह सामने आया कि आरोपियों ने पहले एक लाख रुपये प्रतिमाह की मांग की थी, जो बाद में 50 हजार रुपये प्रतिमाह तक पहुंच गई। जांच में यह भी पता चला कि सत्यापन प्रक्रिया के दौरान ही आरोपियों ने किसान से 5 हजार रुपये रिश्वत के रूप में वसूल लिए थे।
इसके बाद एसीबी ने पूरी रणनीति के साथ जाल बिछाया। सोमवार को बरदा डेम क्षेत्र स्थित वन विभाग की चौकी पर विशेष ट्रैप दल ने कार्रवाई की। परिवादी से 10 हजार रुपये की रिश्वत राशि लेते ही एसीबी टीम ने तीनों फॉरेस्ट गार्डों को मौके पर ही पकड़ लिया।
कार्रवाई के दौरान लक्ष्मीपुरा चौकी से जुड़े फॉरेस्ट गार्ड साबूलाल को भी डिटेन किया गया है। एसीबी उससे मामले में संभावित भूमिका और अन्य पहलुओं को लेकर पूछताछ कर रही है।
पूरी कार्रवाई एसीबी कोटा रेंज के उप महानिरीक्षक ओमप्रकाश मीणा के सुपरविजन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विजय स्वर्णकार के निर्देशन में की गई। ट्रैप टीम का नेतृत्व पुलिस निरीक्षक श्रीमती चन्द्रकंवर ने किया।
गिरफ्तारी की खबर फैलते ही वन विभाग में हड़कंप मच गया। एसीबी अधिकारियों की टीम आरोपियों से पूछताछ कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि रिश्वतखोरी के इस खेल में और कौन-कौन शामिल था।
नई हवा खबरें अपने मोबाइल पर नियमित और डायरेक्ट प्राप्त करने के लिए व्हाट्सएप नंबर 9460426838 सेव करें और ‘Hi’ और अपना नाम, स्टेट और सिटी लिखकर मैसेज करें। आप अपनी खबर या रचना भी इस नंबर पर भेज सकते हैं।
