अजमेर एसीबी ने किशनगढ़ में एवीवीएनएल के तकनीशियन बबलेश कुमार शर्मा को पॉली हाउस के बिजली कनेक्शन के बदले 10 हजार रुपये की रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया। जांच में व्हाट्सएप कॉल, फोनपे ट्रांजैक्शन और अन्य डिजिटल साक्ष्य भी खंगाले जा रहे हैं।
अजमेर। पॉली हाउस के लिए बिजली कनेक्शन दिलाने की कीमत 10 हजार रुपये तय करना अजमेर डिस्कॉम के एक तकनीशियन को भारी पड़ गया। रिश्वत की डील पहले WhatsApp कॉल पर हुई, फिर PhonePe के जरिए रकम ट्रांसफर कराई गई। लेकिन आरोपी को अंदाजा नहीं था कि पूरा खेल भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) की निगरानी में चल रहा है। रकम ट्रांसफर होते ही एसीबी ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की इंटेलिजेंस इकाई, अजमेर ने किशनगढ़ (अधिशासी अभियंता, पवस) कार्यालय में कार्यरत तकनीशियन प्रथम बबलेश कुमार शर्मा को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसी अब इस पूरे मामले में अन्य लोगों की भूमिका भी खंगाल रही है।
पॉली हाउस के बिजली कनेक्शन के बदले मांगी गई थी रिश्वत
एसीबी महानिदेशक (पुलिस) गोविन्द गुप्ता ने बताया कि शिकायतकर्ता ने ग्राम ढसूक स्थित अपनी पुश्तैनी कृषि भूमि पर पॉली हाउस स्थापित करने के लिए 29 मई को बिजली कनेक्शन का आवेदन किया था।
आरोप है कि 23 जून को जब वह एवीवीएनएल के किशनगढ़ स्थित अधिशासी अभियंता कार्यालय पहुंचा तो वहां मौजूद गिरीराज मीणा ने कनेक्शन जारी कराने के बदले 15 हजार रुपये की रिश्वत मांगी। शिकायतकर्ता से यह भी कहा गया कि आगे की बात तकनीशियन बबलेश कुमार शर्मा करेगा।
WhatsApp कॉल पर हुई बात, ऑनलाइन मांगे पैसे
शिकायत के अनुसार, 25 जून को तकनीशियन बबलेश कुमार शर्मा ने शिकायतकर्ता को WhatsApp कॉल किया और 15 हजार रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर करने के लिए कहा। उसने भरोसा दिया कि रकम मिलते ही बिजली कनेक्शन की फाइल तुरंत स्वीकृत करा दी जाएगी।
सत्यापन के बाद ACB ने बिछाया ट्रैप
एसीबी के उपमहानिरीक्षक नारायण टोगस के सुपरविजन में पुलिस निरीक्षक कंचन भाटी ने शिकायत का गोपनीय सत्यापन कराया। 1 जुलाई को हुए सत्यापन में यह पुष्टि हुई कि आरोपी तकनीशियन ने रिश्वत की मांग की थी और बाद में रकम घटाकर 10 हजार रुपये कर दी गई।
इसके बाद एसीबी ने पूरी योजना के साथ ट्रैप कार्रवाई की।
PhonePe से ट्रांसफर होते ही गिरफ्तारी
2 जुलाई को शिकायतकर्ता ने आरोपी के निर्देशानुसार PhonePe के माध्यम से 10 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए। ऑनलाइन ट्रांजैक्शन पूरा होते ही पहले से निगरानी कर रही एसीबी इंटेलिजेंस, अजमेर की टीम ने आरोपी बबलेश कुमार शर्मा को गिरफ्तार कर लिया।
अब कॉल रिकॉर्ड, ट्रांजैक्शन और सोशल मीडिया की होगी जांच
एसीबी की जांच अब केवल रिश्वत की रकम तक सीमित नहीं है। एजेंसी आरोपी और अन्य संदिग्धों के कॉल रिकॉर्ड, ऑनलाइन लेनदेन, सोशल मीडिया गतिविधियों और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की भी गहन जांच कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस पूरे मामले में और कौन-कौन शामिल था।
एसीबी की अतिरिक्त महानिदेशक स्मिता श्रीवास्तव और महानिरीक्षक एस. परिमला के निर्देशन में आरोपी और अन्य संदिग्धों से पूछताछ जारी है। भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी गई है।
इस कार्रवाई के बाद अजमेर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (एवीवीएनएल) के महकमे में हड़कंप मचा हुआ है।
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