जयपुर में मुख्यमंत्री कार्यालय को बम से उड़ाने की धमकी से हड़कंप मच गया। 4.30 घंटे चले सर्च ऑपरेशन में कुछ नहीं मिला, पुलिस ने सवाई माधोपुर के युवक को हिरासत में लिया।
जयपुर। मुख्यमंत्री कार्यालय को बम से उड़ाने की धमकी ने मंगलवार को राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था को अचानक हाई अलर्ट पर ला दिया। जयपुर कंट्रोल रूम में धमकी भरा फोन पहुंचते ही पुलिस-प्रशासन की टीमें सक्रिय हो गईं। संयोग से इसी दौरान मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और डीजीपी राजीव शर्मा सीएमओ से कुछ ही दूरी पर स्थित बिड़ला सभागार में ‘सुरक्षा सखी एवं युवाओं’ से संवाद कार्यक्रम में मौजूद थे।
धमकी की सूचना मिलते ही डीसीपी साउथ राजर्षि राज सीएमओ पहुंचे और सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। इसके बाद डॉग स्क्वायड, एटीएस, एसडीआरएफ, बम निरोधक दस्ते और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे परिसर को खंगालना शुरू कर दिया।
करीब 4 घंटे 30 मिनट तक चले सर्च ऑपरेशन में सीएमओ के भीतर या आसपास कोई संदिग्ध वस्तु अथवा विस्फोटक सामग्री नहीं मिली। इसके बाद अधिकारियों ने राहत की सांस ली, लेकिन धमकी देने वाले तक पहुंचने की कार्रवाई उसी दौरान शुरू हो चुकी थी।
फोन आया और पुलिस ने तुरंत ट्रेस कर लिया लोकेशन
धमकी भरा कॉल मिलते ही जयपुर पुलिस की साइबर सेल और तकनीकी टीम ने नंबर की पड़ताल शुरू की। तकनीकी सर्विलांस के जरिए पुलिस कॉल करने वाले की लोकेशन तक पहुंची और सवाई माधोपुर निवासी एक युवक को हिरासत में ले लिया।
पुलिस अब उसे जयपुर लाकर पूछताछ कर रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि धमकी महज नशे की हालत में की गई हरकत थी या इसके पीछे कोई दूसरी वजह छिपी हुई है।
प्रारंभिक जानकारी में सामने आया है कि युवक ने कथित तौर पर नशे में सीएमओ को बम से उड़ाने की धमकी दी थी। हालांकि पुलिस पूछताछ पूरी होने के बाद ही इस मामले में स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
10.30 बजे शुरू हुई तलाशी, चप्पा-चप्पा खंगाला
धमकी मिलने के बाद सुबह करीब 10.30 बजे मुख्यमंत्री कार्यालय में सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया। सुरक्षा एजेंसियों ने भवन के प्रवेश द्वारों से लेकर अंदर के हिस्सों और आसपास के संवेदनशील इलाकों तक की बारीकी से जांच की।
डॉग स्क्वायड और बम निरोधक दस्तों ने कई स्तर पर तलाशी ली। काफी देर तक चले अभियान के बावजूद कोई विस्फोटक या संदिग्ध वस्तु नहीं मिलने पर यह साफ हुआ कि तत्काल परिसर में किसी तरह का खतरा मौजूद नहीं है।
एक साल पहले भी सामने आया था ऐसा मामला
जयपुर में मुख्यमंत्री कार्यालय को धमकी मिलने का यह पहला मामला नहीं है। 26 जुलाई 2025 को मुख्यमंत्री कार्यालय और जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी दी गई थी। उस समय भी पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने तत्काल दोनों जगहों पर जांच शुरू की थी।
करीब एक घंटे तक चले तलाशी अभियान में कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली थी। इसके बाद धमकी को अफवाह बताया गया था।
इस बार भी सर्च ऑपरेशन में कुछ नहीं मिला, लेकिन पुलिस ने मामले को हल्के में लेने के बजाय कॉल करने वाले की पहचान तक पहुंचने में तेजी दिखाई।
अब सवाल धमकी देने वाले की मंशा पर
सवाई माधोपुर के युवक को हिरासत में लेने के बाद जांच का सबसे अहम हिस्सा अब शुरू हो चुका है। पुलिस और खुफिया एजेंसियां यह जानने में जुटी हैं कि उसने वास्तव में नशे की हालत में फोन किया था या इसके पीछे कोई सोची-समझी वजह थी।
युवक की मानसिक स्थिति, कॉल करने का मकसद और किसी अन्य व्यक्ति से उसके संपर्क जैसे पहलुओं को भी जांच का हिस्सा बनाया जा रहा है। फिलहाल पुलिस ने मामले को लेकर विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की है।
CMO की सुरक्षा को चुनौती देने वाला फोन आखिर सिर्फ नशे में की गई हरकत था या इसके पीछे कोई और कहानी? पुलिस की पूछताछ के बाद इसी सवाल का जवाब सामने आने की उम्मीद है।
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