लखनऊ
UPTET पेपर लीक मामले में उत्तरप्रदेश की योगी सरकार ने मंगलवार को बड़ा एक्शन लिया। उसने सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी संजय कुमार उपाध्याय को सस्पेंड कर दिया है। उन पर ही परीक्षा कराने की जिम्मेदारी थी। वहीं उस प्रिंटिंग प्रेस के मालिक को दबोच लिया गया है जहां UPTET के पेपर छपे थे।
निलंबन अवधि में सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी संजय कुमार उपाध्याय बेसिक शिक्षा निदेशक कार्यालय लखनऊ से संबद्ध रहेंगे। उनको प्रथम दृष्टया शुचितापूर्ण, नकलविहीन और शांतिपूर्ण ढंग से यूपी-टीईटी न किए जाने का दोषी पाया गया है। आपको बता दें कि 28 नवम्बर को पेपर लीक होते ही सीएम योगी ने इस मामले में कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए थे। यूपी सरकार एक महीने के अंदर ही यूपी टीईटी परीक्षा का आयोजन करवाएगी।
प्रेस के मालिकों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत मामला दर्ज
इधर STF की नोएडा इकाई ने दिल्ली स्थित एक प्रिंटिंग प्रेस का मालिक गिरफ्तार किया है। SP राजकुमार मिश्रा ने बताया कि राय अनूप प्रसाद की दिल्ली के ओखला में प्रिंटिंग प्रेस है। वह मूल रूप से गोरखपुर के रहने वाले हैं। दरअसल, थाना सूरजपुर में STF ने 5 प्रिंटिंग प्रेस के मालिकों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत मामला दर्ज कराया है। जांच में पता चला है कि कोलकाता, नोएडा, दिल्ली में स्थित कई प्रिंटिंग प्रेस में TET की परीक्षा के प्रश्न पत्र छपवाए गए थे। इससे पहले बागपत से भी एक आरोपी को STF ने गिरफ्तार किया है। STF रविवार से अभी तक यूपी से करीब 30 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है।
दिसंबर में होगी परीक्षा
यूपी के बेसिक शिक्षा मंत्री सतीश द्विवेदी ने कहा कि परीक्षा का प्रस्ताव परीक्षा नियामक प्राधिकारी विभाग भेजा जा चुका है। दिसंबर महीने में ही TET कराई जाएगी। इसकी अगली तारीख परीक्षा नियामक प्राधिकारी विभाग से सहमति मिलते ही जारी की जाएगी।
गौरतलब है कि 28 नवंबर को दो पालियों में प्रस्तावित यूपी-टीईटी का पेपर लीक होने के कारण परीक्षा निरस्त करनी पड़ी थी। इससे सरकार की काफी किरकिरी हुई थी। परीक्षा में 21 लाख से अधिक अभ्यर्थियों को शामिल होना था।
प्रथम पाली में दस से साढ़े बारह बजे तक प्रदेश भर में 2554 केंद्रों पर प्राथमिक स्तर की परीक्षा का आयोजन किया जाना था और द्वितीय पाली में 2:30 से पांच बजे तक 1754 केंद्रों पर उच्च प्राथमिक स्तर की परीक्षा का आयोजन होना था। टीईटी प्राथमिक स्तर की परीक्षा के लिए 13.52 लाख और टीईटी उच्च प्राथमिक स्तर की परीक्षा के लिए 8.93 लाख अभ्यर्थियों ने रजिस्ट्रेशन कराया था। इससे पहले 2019 में आयोजित हुई यूपीटेट में 16 लाख और 2018 में आयोजित हुई इस परीक्षा में तकरीबन 11 लाख अभ्यर्थियों ने भा लिया था। टीईटी परीक्षा में पहली बार इतनी बड़ी संख्या में अभ्यर्थी भाग लेने जा रहे थे। लेकिन पेपर लीक होने की वजह से टीईटी परीक्षा को स्थगित करना पड़ा।
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