भरतपुर
भरतपुर के नाबालिग बच्चे के साथ यौन दुराचार के बहुचर्चित मामले में आरोपी जज के दो साथी फरार हो गए हैं। इस बीच प्रशासन ने पीड़ित परिवार की मांग पर उसके घर सुरक्षा के लिए RAC के पांच जवान तैनात कर दिए हैं। जोधपुर हाईकोर्ट जज को निलंबित कर चुका है। आरोपी जज के साथ पीड़ित परिवार को धमकाने वाले एसीबी चौकी सीओ को सस्पेंड कर दिया गया है।
जानकारी के अनुसार थाना मथुरा गेट पुलिस मामले के मुख्य आरोपी जज जितेंद्र गुलिया को बयान देने के लिए पुलिस उनके घर पर लेने गई थी लेकिन वह वहां पर नहीं मिला। बताया गया कि जज जितेंद्र गुलिया के दोनों आरोपी साथी राहुल कटारा व अंशुल सैनी सोमवार को शहर से फरार हो गए। अब पुलिस उनकी की तलाश में जुटी है।
पीड़ित के नहीं हो पाए बयान
सोमवार को पीड़ित पक्ष के न्यायालय में 164 के बयान दर्ज कराने के लिए बाल कल्याण समिति और पुलिस प्रशासन दिनभर पीड़ित परिवार से संपर्क करने का प्रयास करते रहे। लेकिन पीड़ित परिवार नहीं मिला। इससे उसके बयान नहीं हो पाए।
बाल कल्याण समिति अध्यक्ष गंगाराम पाराशर एवं अन्य सदस्य पीड़ित परिवार के घर पर पहुंचे, लेकिन वहां परिवार नहीं मिला। इसके बाद परिवार से फोन पर संपर्क किया गया। परिवार ने बाल कल्याण समिति के कार्यालय में उपस्थित होने की बात कही, लेकिन वे वहां भी नहीं पहुंचे। बाद में बाल कल्याण समिति अध्यक्ष एवं अन्य सदस्य पीड़ित के परिवार से मिलने दोपहर बाद फिर से घर पहुंचे। लेकिन फिर से उनसे मुलाकात नहीं हो पाई। सिटी सीओ सतीश वर्मा न्यायालय में बयान दर्ज कराने के लिए दोपहर बाद पीड़ित परिवार के घर पर पहुंचे, लेकिन उनको भी घर पर परिवार नहीं मिला।
सीओ सिटी सतीश वर्मा ने बताया कि पीड़ित परिवार की मांग पर उनके घर पर आरएसी के 5 जवान सुरक्षा के लिए तैनात कर दिए हैं। वहीं समिति अध्यक्ष गंगाराम पाराशर ने बताया कि पीड़ित परिवार की मदद के लिए बालमित्र और काउंसलर भी नियुक्त कर दिए गए हैं।
यह था मामला
भरतपुर में विशेष न्यायाधीश विजिलेंस जितेंद्र गुलिया और उनके दो साथियों के खिलाफ सातवीं कक्षा के एक बच्चे के साथ यौन दुराचार का मामला थाना मथुरा गेट में पीड़ित बच्चे की मां ने दर्ज कराया था। इसके साथ ही ACB सीओ परमेश्वर लाल यादव और न्यायाधीश के स्टेनो अंशुल सोनी पर भी धमकाने के आरोप लगाए गए।
रिपोर्ट में पीड़ित बच्चे की मां ने आरोप लगाया है कि आरोपी जज और दो अन्य पीड़ित नाबालिग को शराब व नशीला पदार्थ पिलाकर यौन दुराचार करते थे। रिपोर्ट में बताया गया कि पीड़ित की मां ने अपने घर के सामने ही जब जज को बच्चे के साथ गलत हरकत करते देखा तो मामले का खुलासा हुआ। आरोप है कि पीड़ित बच्चे की विधवा मां को न्यायाधीश और उसके साथियों ने जान से मारने की धमकी भी दी।
मामला जब आग की तरह फ़ैल गया तो 30 अक्टूबर को दोपहर 11.55 बजे जज जितेंद्र, राहुल कटारा और अंशुल सोनी घर आए और बच्चे के साथ किए कुकर्म के लिए माफी मांगी। लेकिन बाद में आरोपी जज ने भी पीड़ित परिवार पर ब्लैकमेल करने का मामला दर्ज करा दिया। देर शाम बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष ने मामले में संज्ञान लेकर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए।
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