टोक्यो
टोक्यो पैरालंपिक्स में भारत की अवनि लखेरा ने शूटिंग में गोल्ड मेडल जीत लिया है। पैरालंपिक्स के इतिहास में भारत का शूटिंग में ये पहला गोल्ड मेडल है। अवनि ने 2015 में शूटिंग करना शुरू किया था। अब तक अवनि कई टूर्नामेंट में गोल्ड जीत चुकी हैं।
पदक जीतने के बाद अवनि ने कहा, ‘मैं अपनी भावनाओं को व्यक्त नहीं कर सकती। मुझे ऐसा लग रहा है जैसे कि मैं दुनिया में शीर्ष पर हूं। इसे शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता।’ जयपुर की रहने वाली यह 19 साल की निशानेबाज पैरालंपिक में स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला खिलाड़ी बन गई हैं। उनकी रीढ़ की हड्डी में 2012 में कार दुर्घटना में चोट लग गई थी। उन्होंने 249.6 अंक बनाकर विश्व रिकॉर्ड की बराबरी की। यह पैरालंपिक खेलों का नया रिकॉर्ड है।
अवनि ने एक बार में केवल एक शॉट पर ध्यान दिया और महिलाओं की आर-2 10 मीटर एयर राइफल स्टैंडिंग एसएच1 में पहला स्थान हासिल करके स्वर्ण पदक जीता।अवनि लखेरा को 2012 में एक कार दुर्घटना में घायल होने के कारण व्हील चेयर का सहारा लेना पड़ा, लेकिन सोमवार को पैरालंपिक खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनने के बाद उन्हें लगता है कि जैसे कि वह दुनिया में शीर्ष पर हैं। 19 साल की अवनि ने महिलाओं के आर-2 10 मीटर एयर राइफल के क्लास एसएच1 में पहला स्थान हासिल किया।
अवनि ने नवंबर 2019 में एक इंटरव्यू में कहा था कि वो टोक्यो में मेडल जीतना चाहती हैं। अवनि आज जिस मुकाम पर हैं, उसके पीछे उनके पिता का बहुत बड़ा हाथ है। 8 नवंबर 2001 को राजस्थान के जयपुर में जन्मीं अवनि की जिंदगी में 2012 में एक बहुत बड़ा मोड़ आया। अविन जब 11 साल की थीं, तब एक कार एक्सीडेंट में उनकी रीढ़ की हड्डी में गभीर चोट आई थी। इसके बाद वो हमेशा-हमेशा के लिए व्हीलचेयर पर आ गईं। हालांकि उन्होंने अपनी इस कमजोरी को कभी आड़े नहीं आने दिया और अपनी पढ़ाई पर ध्यान देना शुरू कर दिया।
यह भारत का इन खेलों की निशानेबाजी प्रतियोगिता में भी पहला पदक है। टोक्यो पैरालंपिक में भी यह देश का पहला स्वर्ण पदक है। अवनि पैरालंपिक खेलों में पदक जीतने वाली तीसरी भारतीय महिला हैं. उन्होंने कहा, ‘मैं बहुत खुश हूं कि मैंने अपना योगदान दिया. उम्मीद है कि आगे हम और पदक जीतेंगे।’
उधार की राइफल से जीता पहला मेडल
2015 में अवनि ने अपनी ट्रेनिंग शुरू की और कुछ ही महीने बाद उन्होंने राजस्थान स्टेट चैम्पियनशिप में हिस्सा लिया और गोल्ड जीत लिया। इस चैम्पियनशिप के लिए अवनि ने अपने कोच से राइफल उधार ली थी। उसके कुछ महीनों बाद ही अवनि ने नेशनल चैम्पियनशिप में ब्रॉन्ज मेडल जीता। 2016 से 2020 के बीच अवनि ने नेशनल शूटिंग चैम्पियनशिप में 5 बार गोल्ड मेडल जीता। इसी साल यूएई में हुई पैरा शूटिंग वर्ल्ड कप में अवनि ने सिल्वर मेडल जीता था।
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