अलवर के आर्यनगर में राजस्थान हाईकोर्ट के न्यायाधीश भुवन गोयल के मकान में दिनदहाड़े चोरी हुई। चोर नकदी, पीतल के बर्तन और अन्य सामान ले गए। पुलिस ने एक संदिग्ध को डिटेन किया है।
अलवर: शहर के आर्यनगर इलाके में दिनदहाड़े चोरों ने राजस्थान हाईकोर्ट जयपुर के न्यायाधीश भुवन गोयल के मकान को निशाना बना लिया। चोर घर का जंगला, दरवाजे का कुंडा और छत की ओर जाने वाले जीने का दरवाजा तोड़कर अंदर दाखिल हुए और वहां रखी नकदी, पीतल के कीमती बर्तन और अन्य सामान लेकर फरार हो गए।
मामला सामने आते ही पुलिस महकमे में हलचल मच गई। सूचना पर कोतवाली थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण करने के साथ आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू की। पुलिस को फुटेज के दौरान एक संदिग्ध की स्पष्ट तस्वीर मिली है। इसके आधार पर उसकी तलाश शुरू की गई और अब पुलिस ने एक संदिग्ध को डिटेन कर लिया है।
जंगला और कुंडा तोड़ा, फिर घर में दाखिल हुए चोर
जानकारी के मुताबिक चोरों ने पहले मकान में प्रवेश करने के लिए जंगले और दरवाजे के कुंडे को तोड़ा। इसके बाद छत पर जाने वाले जीने का दरवाजा भी तोड़ दिया। घर के अंदर पहुंचने के बाद चोरों ने सामान खंगाला और पीतल के बर्तन, नकदी और अन्य सामान समेट लिया। वारदात के बाद चोर फरार हो गए। चोरी हुए सामान की पूरी जानकारी और उसकी कीमत का आकलन पुलिस की जांच के बाद स्पष्ट होगा। चोर मकान की देखरेख करने वाले एडवोकेट जगदीश सैनी का आधार कार्ड भी अपने साथ ले गए।
2009 से गोयल परिवार से जुड़े हैं एडवोकेट सैनी
मामले की शिकायत एडवोकेट जगदीश सैनी ने कोतवाली थाने में दर्ज कराई है। उन्होंने पुलिस को बताया कि वह वर्ष 2009 से न्यायाधीश भुवन गोयल के पिता स्वर्गीय बाबूलाल गोयल एडवोकेट के साथ वकालत कर रहे हैं। बाबूलाल गोयल के निधन के बाद से जगदीश सैनी गोयल परिवार के ऑफिस और मकान की देखरेख करते आ रहे हैं। इसी दौरान मकान में चोरी की घटना सामने आई।
CCTV में मिला संदिग्ध, पुलिस ने किया डिटेन
वारदात की सूचना मिलने के बाद कोतवाली थाना पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने मकान के आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज भी खंगाली। जांच के दौरान पुलिस को एक संदिग्ध आरोपी की तस्वीर मिली। इसके बाद पुलिस ने उसकी पहचान और तलाश शुरू की। कोतवाली थाना प्रभारी दिनेश चंद ने बताया कि चोरी के मामले में एक संदिग्ध को डिटेन किया गया है और उससे पूछताछ की जा रही है। पुलिस अब उसके जरिए चोरी हुए कैश और सामान की बरामदगी के प्रयास कर रही है।
रेकी से लेकर साथियों तक, कई सवालों के जवाब तलाश रही पुलिस
पुलिस की जांच अभी जारी है। पूछताछ के जरिए यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि वारदात में कितने लोग शामिल थे और मकान की रेकी कब की गई थी। पुलिस अन्य संभावित आरोपियों की भूमिका भी खंगाल रही है। फिलहाल एक संदिग्ध के डिटेन होने के बाद पुलिस को वारदात के खुलासे और चोरी गए सामान की बरामदगी की उम्मीद है।
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