राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन के चुनाव 29 सितंबर को होंगे और अक्टूबर में BCCI के घरेलू टूर्नामेंट शुरू होने हैं। कई वर्गों में कैंप और प्रदेश स्तरीय प्रतियोगिताएं नहीं होने से टीम चयन पर सवाल उठ रहे हैं।
भरतपुर। राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन के चुनाव की तारीख तय हो गई है, लेकिन उसके साथ ही प्रदेश के क्रिकेट खिलाड़ियों की चिंता भी बढ़ गई है। 29 सितंबर को नई कार्यकारिणी चुनी जाएगी और अक्टूबर में BCCI के चार बड़े घरेलू टूर्नामेंट शुरू होने हैं। ऐसे में नई टीम के पास खिलाड़ियों की पहचान से लेकर चयन और तैयारी तक के लिए बेहद कम वक्त बचेगा।
मौजूदा स्थिति खिलाड़ियों के लिए इसलिए ज्यादा पेचीदा है क्योंकि कई अहम प्रतियोगिताओं की तैयारियां अभी तक उस स्तर पर नहीं पहुंची हैं, जिसकी जरूरत राष्ट्रीय टूर्नामेंट से पहले होती है। रणजी ट्रॉफी और अंडर-19 के कैंप तक नहीं हो पाए हैं, जबकि अंडर-23 और महिला अंडर-19 की प्रदेश स्तरीय प्रतियोगिताएं भी आयोजित नहीं हुई हैं।
यहीं से चयन को लेकर सबसे बड़ा सवाल खड़ा हो रहा है—जब कई खिलाड़ियों को प्रदेश स्तर पर खुद को साबित करने के लिए मैच ही नहीं मिले, तो राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए टीम चुनते समय चयनकर्ताओं के पास प्रदर्शन का आधार क्या होगा?
ढाबे पर थूक – थूक कर रोटियां बना रहा था महताब; वीडियो वायरल होते ही पुलिस ने दबोचा
चुनाव के बाद 7 से 10 दिन में पूरी करनी होगी बड़ी कवायद
RCA चुनाव 29 सितंबर को होने हैं। इसके बाद नई कार्यकारिणी के सामने सबसे पहले प्रदेशभर से खिलाड़ियों की पहचान, चयन प्रक्रिया, टीमों का गठन और उनकी तैयारी कराने की चुनौती होगी। अक्टूबर में घरेलू टूर्नामेंट शुरू होने के कारण यह पूरी कवायद करीब 7 से 10 दिन के भीतर पूरी करनी पड़ सकती है। इतने कम समय में खिलाड़ियों को देखना, चयन करना और टीम को मैदान पर उतारने के लिए तैयार करना RCA के लिए बड़ी चुनौती होगी।
अंडर-23 और महिला अंडर-19 में सबसे ज्यादा पेच
सबसे ज्यादा मुश्किल उन खिलाड़ियों के सामने है जो अंडर-23 और महिला अंडर-19 वर्ग में खेलते हैं। इन दोनों आयु वर्गों की प्रदेश स्तरीय प्रतियोगिताएं ही नहीं हो पाई हैं। ऐसे में चयनकर्ताओं के सामने यह सवाल रहेगा कि खिलाड़ियों की मौजूदा फॉर्म और प्रदर्शन का आकलन किस आधार पर किया जाए। प्रतियोगिताएं नहीं होने के कारण उनके पास नियमित मैचों का रिकॉर्ड भी नहीं होगा।
रणजी और अंडर-19 खिलाड़ी भी इंतजार में
रणजी ट्रॉफी और अंडर-19 टीम के खिलाड़ियों के लिए भी तस्वीर बहुत अलग नहीं है। अभी तक कैंप आयोजित नहीं होने के कारण संभावित खिलाड़ियों को एक साथ अभ्यास करने और चयनकर्ताओं के सामने अपना खेल दिखाने का पर्याप्त अवसर नहीं मिला है। टीम चयन से पहले खिलाड़ियों को कैंप में बुलाकर उनकी फिटनेस, फॉर्म और खेल को परखना होगा। इसके बाद अंतिम टीम तैयार की जानी है। ऐसे में चुनाव के बाद उपलब्ध समय लगातार कम होता जाएगा।
अब खिलाड़ियों के बीच सबसे बड़ा सवाल यही
राजस्थान के क्रिकेट खिलाड़ियों के बीच चर्चा इस बात को लेकर है कि चुनाव के बाद चयन प्रक्रिया किस तरह आगे बढ़ेगी। क्या खिलाड़ियों को पर्याप्त मैच और कैंप देकर प्रदर्शन के आधार पर टीम चुनी जाएगी, या समय की कमी के कारण ट्रायल के जरिए ही चयन पूरा करना पड़ेगा?
खिलाड़ियों के लिए यह सिर्फ टीम में जगह बनाने का सवाल नहीं है। राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में खेलने का मौका उनके प्रदर्शन और आगे के क्रिकेट करियर के लिए भी अहम होता है। ऐसे में RCA की नई कार्यकारिणी के सामने चुनाव जीतने के तुरंत बाद सबसे बड़ी चुनौती मैदान पर होगी—कम समय में ऐसी चयन प्रक्रिया तैयार करना, जिसमें खिलाड़ियों को खुद को साबित करने का उचित मौका मिल सके।
नई हवा खबरें अपने मोबाइल पर नियमित और डायरेक्ट प्राप्त करने के लिए व्हाट्सएप नंबर 9460426838 सेव करें और ‘Hi’ और अपना नाम, स्टेट और सिटी लिखकर मैसेज करें। आप अपनी खबर या रचना भी इस नंबर पर भेज सकते हैं।
