जयपुर नगर निगम के हवामहल-आमेर जोन में पट्टा संबंधी काम के बदले 2 लाख रुपये की रिश्वत मांगने का आरोप। एसीबी ने जमादार रामसिंह यादव को 50 हजार रुपये की घूस लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया।
जयपुर। जमीन का पट्टा बनवाने के लिए महीनों तक नगर निगम के चक्कर काट रहे एक व्यक्ति से आखिरकार रिश्वत मांगना महंगा पड़ गया। काम कराने के नाम पर लाखों रुपये की डिमांड करने वाला जयपुर नगर निगम का एक जमादार गुरुवार को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) के बिछाए जाल में फंस गया। जैसे ही उसने 50 हजार रुपये की रिश्वत हाथ में ली, एसीबी टीम ने उसे रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।
एसीबी के अनुसार गिरफ्तार आरोपी रामसिंह यादव (28), पुत्र मूलचंद यादव, मूल निवासी श्रीमाधोपुर (सीकर) है। वह जयपुर नगर निगम के हवामहल-आमेर जोन में पट्टा/लीज शाखा में जमादार के पद पर कार्यरत है।
पट्टा अटका, फिर शुरू हुई रिश्वत की मांग
जांच में सामने आया कि परिवादी के पिता के नाम से पट्टा जारी होने का मामला लंबे समय से नगर निगम में लंबित था। आरोप है कि फाइल आगे बढ़ाने और काम कराने के बदले आरोपी जमादार ने 2 लाख रुपये की रिश्वत की मांग की। परेशान होकर परिवादी ने इसकी शिकायत एसीबी से की।
शिकायत मिलने के बाद एसीबी ने पहले पूरे मामले का सत्यापन कराया। रिश्वत मांगने की पुष्टि होने पर ट्रैप की योजना बनाई गई। गुरुवार दोपहर परिवादी को 50 हजार रुपये लेकर आरोपी के पास भेजा गया। जैसे ही रामसिंह यादव ने रिश्वत की रकम स्वीकार की, पहले से निगरानी कर रही एसीबी टीम ने उसे मौके पर ही दबोच लिया।
पूछताछ जारी, जांच का दायरा बढ़ेगा
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के महानिदेशक गोविंद गुप्ता ने बताया कि आरोपी से पूछताछ की जा रही है। जांच इस बात की भी की जा रही है कि रिश्वत की मांग केवल इसी मामले तक सीमित थी या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क भी काम कर रहा था। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
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