30 मिसाइलों ने बुझा दी ‘रहबर’ की सांस | अमेरिका-इजराइल के हमले में खामेनेई खत्म, बेटी-दामाद, बहू-पोती भी मारी गईं | ईरान ने छेड़ने की दी जंग-ए-कयामत की चेतावनी

अमेरिका और इजराइल के संयुक्त मिसाइल हमले (US Israel Attack) में ईरान (Iran) के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई (Ayatollah Ali Khamenei) की मौत हो गई। ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ (Operation Epic Fury) के बाद ईरान ने सबसे खतरनाक जवाबी हमले की चेतावनी दी, मध्य-पूर्व में युद्ध का खतरा बढ़ा।

तेहरान 

तेहरान (Tehran) की रात अचानक आग और धमाकों से फट पड़ी। आसमान से बरसीं 30 मिसाइलें सीधे उस ऑफिस कॉम्प्लेक्स पर गिरीं, जहां ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई अपने शीर्ष सैन्य कमांडरों के साथ रणनीतिक बैठक कर रहे थे। कुछ ही मिनटों में वह इमारत मलबे में बदल चुकी थी — और उसी मलबे के नीचे दबकर खत्म हो गया वह शख्स, जिसने तीन दशक से ज्यादा समय तक ईरान की किस्मत को अपने फैसलों से दिशा दी थी। हमले में उनकी बेटी-दामाद, बहू और पोती समेत कॉम्प्लेक्स में मौजूद 40 कमांडर्स भी मारे गए हैं। हमले के समय खामनेई कमांडर्स के साथ मीटिंग कर रहे थे।

वरिष्ठ धर्मगुरु अयातुल्लाह अलीरेजा अराफी को तेहरान में अली खामेनेई की हत्या के बाद ईरान का अंतरिम सुप्रीम लीडर नियुक्त किया गया है ईरान की सरकारी न्यूज एजेंसी ISNA ने यह जानकारी दी है

अमेरिका और इजराइल के संयुक्त ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ ने न सिर्फ खामेनेई की जिंदगी का अंत किया, बल्कि पूरे मध्य-पूर्व को युद्ध के नए मुहाने पर खड़ा कर दिया।

मौत की पुष्टि: दुश्मनों का दावा, अपने देश की मुहर

इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने शनिवार देर रात सबसे पहले खामेनेई के मारे जाने का दावा किया। इसके तुरंत बाद अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लिखा—
‘इतिहास के सबसे क्रूर व्यक्तियों में से एक का अंत हो गया। यह दुनिया के लिए न्याय है।’

रविवार सुबह ईरान की सरकारी एजेंसियों ने भी इस खबर पर आधिकारिक मुहर लगा दी। इस्फाहान में हजारों लोग सड़कों पर उतर आए — कोई रो रहा था, कोई गुस्से में मुट्ठियां भींचे खड़ा था। हमले में खामेनेई के साथ उनकी बेटी, दामाद, बहू और पोती समेत 40 शीर्ष सैन्य कमांडर भी मारे गए।

10 शहरों पर हमला, स्कूल बना कब्रिस्तान

इस ऑपरेशन के तहत तेहरान समेत ईरान के 10 बड़े शहरों को निशाना बनाया गया। मिसाइल हमलों में अब तक 200 से ज्यादा लोगों की मौत और 740 से अधिक घायल होने की खबर है। सबसे दिल दहला देने वाली घटना तब हुई जब एक स्कूल पर मिसाइल गिरी। देखते ही देखते क्लासरूम मलबे में बदल गया और 148 छात्राओं की जान चली गई। बची हुई बच्चियों की चीखें पूरे इलाके में गूंजती रहीं।

कराची में भड़का गुस्सा, अमेरिकी कॉन्सुलेट पर हमला

खामेनेई की मौत की खबर जैसे ही फैली, पाकिस्तान के कराची में हालात बेकाबू हो गए। सैकड़ों प्रदर्शनकारी अमेरिकी कॉन्सुलेट के बाहर जमा हो गए। भीड़ ने गेट तोड़ने की कोशिश की, पथराव किया, टायर जलाए और आगजनी की।

‘अमेरिका मुर्दाबाद’, ‘इजरायल मुर्दाबाद’ और ‘ईरान जिंदाबाद’ के नारों से पूरा इलाका गूंज उठा।

ईरान में मातम, लेकिन सेना ने दी युद्ध की चेतावनी

ईरान सरकार ने खामेनेई की मौत पर 40 दिन के राष्ट्रीय शोक और 7 दिन की सार्वजनिक छुट्टी घोषित कर दी है। ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने कहा—
‘हमने अपना सबसे बड़ा नेता खो दिया है, लेकिन यह लड़ाई अब और खतरनाक मोड़ लेगी।’

ईरानी सेना ने साफ चेतावनी दी है कि अमेरिकी ठिकानों पर ‘सबसे खतरनाक अभियान’ शुरू होने वाला है।

कौन थे खामेनेई: क्रांति से सत्ता के शिखर तक

  • 1939 में मशहद के एक धार्मिक परिवार में जन्मे खामेनेई बचपन से ही इस्लामी विचारधारा से जुड़े थे।
  • 1963 में शाह के खिलाफ भाषण देने पर उन्हें जेल जाना पड़ा, लेकिन यही गिरफ्तारी उनके राजनीतिक जीवन का मोड़ बन गई।
  • 1979 की इस्लामी क्रांति के बाद वे तेजी से सत्ता के केंद्र में पहुंचे और 1981 में ईरान के राष्ट्रपति बने।
  • 1989 में अयातुल्ला खोमैनी की मौत के बाद उन्हें देश का सर्वोच्च नेता — ‘रहबर’ घोषित किया गया।

तब से लेकर अब तक, वे ईरान के हर बड़े फैसले के अंतिम निर्णायक रहे।

अब आगे क्या: अस्थायी परिषद संभालेगी देश

ईरान के संविधान के अनुच्छेद 111 के अनुसार, नए सुप्रीम लीडर के चयन तक देश की कमान एक अस्थायी परिषद संभालेगी। इसमें शामिल हैं—

  • राष्ट्रपति
  • सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश
  • गार्जियन काउंसिल का एक धर्मगुरु

जब तक असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स नया सुप्रीम लीडर नहीं चुनती, यही परिषद देश की दिशा तय करेगी।

दुनिया के सामने सबसे बड़ा सवाल

खामेनेई की मौत सिर्फ एक नेता का अंत नहीं है — यह मध्य-पूर्व में शक्ति संतुलन का सबसे बड़ा बदलाव है।
ईरान बदले की आग में है, अमेरिका और इजराइल अपने मिशन को न्याय बता रहे हैं।

अब पूरी दुनिया की नजर उस जवाब पर टिकी है, जो ईरान देने वाला है — क्योंकि अगला हमला सिर्फ एक देश नहीं, पूरी दुनिया की शांति को हिला सकता है।

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