नई दिल्ली
देश में सीनियर सिटीजन के लिए एक खुश खबर है। केंद्र सरकार अब उनके लिए ऐसा जॉब पोर्टल खोलने जा रही है जहां वे अपने मनमुताबिक काम ढूंढ़ सकते हैं। यानी वरिष्ठ नागरिकों को उम्र के इस पड़ाव में भी नौकरी मिल सकती है और उनको पैसे की तंगी का सामना नहीं करना पड़ेगा।
केंद्र सरकार वरिष्ठ नागरिकों के लिए एक ऐसा रोजगार एक्सचेंज (employment exchange) खोलने जा रही है जिनके द्वारा उनको नए सिरे से नौकरी दिलाने की कोशिश की जाएगी। यह एक्सचेंज 1 अक्टूबर यानी शुक्रवार से ही शुरू हो जाएगा। इसके अलावा सरकार ने सीनियर सिटीजन के लिए एक हेल्पलाइन की शुरुआत भी की है। इस एक्सचेंज में सीनियर सिटीजन अपना रजिस्ट्रेशन कराकर अपने लिए रोजगार की तलाश कर सकेंगे। आपको बता दें कि इस तरह का एम्प्लॉयमेंट एक्सचेंज देश में पहली बार खोला जा रहा है। इसके लिए एक पोर्टल शुरू हो रहा है।
ये होगा फायदा
कई ऐसे लोग हैं जिनकी उम्र 60 साल से ऊपर है और वह नौकरी करना चाहते हैं। यदि आपकी भी उम्र साथ साल से ऊपर है तो 1 तारीख से सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय (MoSJ&E) की अगुवाई में खुल रहे ‘सीनियर एबल सिटीजन्स फॉर री-एम्प्लॉयमेंट इन डिगनिटी’ (Sacred) पोर्टल पर जाकर तुरंत अपना रजिस्ट्रेशन करा लें। यहां आपको आपकी क्षमता के अनुसार, आसानी से नौकरी मिल जाएगी।
टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक यह एक इंटरैक्टिव प्लेटफॉर्म होगा जिस पर स्टेकहोल्डर एक-दूसरे से वर्चुअली मिलेंगे और रोजगार के अवसर पर बात कर सकेंगे। मंत्रालय ने CII, Ficci और Assocham जैसे इंडस्ट्री चैंबर को भी लेटर लिखकर यह कहा है कि वरिष्ठ नागरिकों को रोजगार हासिल करने में मदद करें।
पोर्टल पर ये देनी होगी जानकारी
इस पोर्टल पर सीनियर सिटीजन को अपने एजुकेशन, अनुभव, स्किल, रुचियों आदि की जानकारी देनी होगी। मंत्रालय ने यह साफ किया है कि यह एक्सचेंज रोजगार की गारंटी नहीं दे रहा। यह कंपनियों और नियोक्ताओं की मर्जी होगी कि वे किसी सीनियर की योग्यता, अपनी जरूरत को देखते हुए उसे अपने यहां नौकरी पर रखें।
सीनियर सिटीजन नोट करें हेल्पलाइन
सरकार ने सीनियर सिटीजन के लिए एक देशव्यापी टोल फ्री हेल्पलाइन 14567 की शुरुआत की है जिसे ‘एल्डर लाइन’ कहा जाता है। इस फोन लाइन पर सीनियर सिटीजन को पेंशन, कानूनी मसलों, भावनात्मक सपोर्ट, उत्पीड़न से बचाव के लिए मदद, बेघर होने पर मदद आदि सहयोग मिलता है।
बढ़ रही है वरिष्ठ नागरिकों की संख्या
औसत जीवन प्रत्याशा यानी जीने की उम्र में बढ़ोतरी होने की वजह से देश में वरिष्ठ नागरिकों की संख्या काफी बढ़ रही है, ऐसे में इस तरह का एक्सचेंज काफी कारगर साबित हो सकता है। एक अनुमान के अनुसार साल 2001 के 7.6 करोड़ के मुकाबले साल 2011 में सीनियर सिटीजन की संख्या बढ़कर 10.4 करोड़ हो गई है। साल 2050 तक देश में वरिष्ठ नागरिकों का जनसंख्या में अनुपात बढ़कर 20 फीसदी तक हो जाने का अनुमान है।
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