नई हवा ब्यूरो| जयपुर
राजस्थान में भाजपा की रार कुछ समय थमने के बाद फिर चौराहे पर आ गई है। प्रदेश संगठन में लगभग हासिए पर आ चुके वसुंधरा खेमे ने एकबार फिर प्रेशर पॉलिटिक्स शुरू कर दी है। टीम वसुंधरा ने बाकायदा दफ्तर तक शुरू कर दिए हैं। राजधानी जयपुर में भी टीम वसुंधरा का प्रदेश स्तर का दफ्तर शुरू हो गया है। माना जा रहा है कि राजस्थान का नेतृत्व वापस पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे को सौंपे जाने को लेकर ही यह खेल खेला जा रहा है।
राजधानी जयपुर के सांगानेर क्षेत्र में सोमवार को टीम वसुंधरा राजे का दफ्तर शुरू हुआ। इसका उद्घाटन सामान्य ही रखा गया। यहां तक कि इस टीम के किसी बड़े नेता ने इस आयोजन से दूरी बना कर रखी। ताकि उनके खिलाफ डा. रोहताश्व शर्मा जैसा एक्शन नहीं हो जाए। भाजपा के किसी नेता, पदाधिकारी या जनप्रतिनिधि ने इसमें शिरकत नहीं की। इस दौरान सिर्फ कुछ चुनिंदा लोग ही मौजूद रहे जो खुद को वसुंधरा समर्थक बता रहे थे। इस टीम के प्रदेश कार्यकारिणी से लेकर मोर्चे और प्रकोष्ठ भी हैं।
वसुंधरा राजे के नाम से शुरू हुए इस दफ्तर की तस्वीरें भी सोशल मीडिया पर वायरल होती रहीं। इस खेमे की ओर से बताया यह जा रहा है कि टीम वसुंधरा राजे के नाम से दफ्तर शुरू करने का मकसद पूर्ववर्ती वसुंधरा राजे सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को जनता के बीच तक पहुंचना है। लेकिन असल में इसे वसुंधरा राजे की प्रेशर पॉलिटिक्स के रूप में देखा जा रहा है। ‘टीम वसुंधरा’ के प्रदेश कार्यालय पर लगाए गए पोस्टर में राजे के साथ PM नरेंद्र मोदी और विजया राजे सिंधिया की फोटो है।
आपको बता दें कि ‘टीम वसुंधरा’ का प्रदेश से लेकर जिलों तक संगठन बन गया है। प्रदेश पदाधिकारियों के अलावा मोर्चा और प्रकोष्ठ के पदाधिकारी भी बनाए हैं। इसी नाम से सोशल मीडिया पर भी कई पेज बने हुए हैं। अब प्रदेश स्तर का दफ्तर खोलकर इस संगठन ने जमीनी काम भी शुरू कर दिया है।
राष्ट्रीय नेतृत्व तक पहुंची बात
सूत्रों के अनुसार टीम वसुंधरा राजे की प्रेशर पॉलिटिक्स की बात भाजपा के राष्ट्रीय नेतृत्व तक फिर पहुंच गई है। सूत्रों ने बताया कि पहले भी इस प्रेशर पॉलिटिक्स और इस कारण भाजपा की धूमिल होती छवि के बारे में अवगत कराया गया था। इसके बाद राष्ट्रीय नेतृत्व ने इस खेमे से अपने नाराजगी भी जाहिर कर दी थी। राष्ट्रीय नेतृत्व कह चुका है कि समग्र स्थितियों को ध्यान में रखकर ही प्रदेश के नेतृत्व के बारे में फैसला किया जाएगा। यह बात वसुंधरा विरोधियों को भी साफ-साफ़ बता दी गई है।
राष्ट्रीय नेतृत्व चाहता है कि प्रदेश में उभरे नया नेतृत्व
सूत्रों के अनुसार पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व को इसमें कोई शक नहीं है कि वसुंधरा राजे कुशल प्रशासक हैं। लेकिन उसने राजे को साफ कह दिया बताया कि वे दो बार राजस्थान की मुख्यमंत्री रह चुकी हैं और अब उनको प्रदेश में नई लीडरशिप को डवलप होने देना चाहिए और खुद को (राजे को) राष्ट्रीय राजनीति में फिर से आगे आना चाहिए। यही सोच कर राजे को भाजपा का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष भी बनाया गया। पर वसुंधरा राजे राजस्थान को मोह नहीं छोड़ पा रहीं।
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