विक्रम पहुंचा चांद पर, भारत का अभिमान। रोम- रोम पुलकित हुआ
जीवन में दुःख सुख आते हैं , कुछ अनुभव देकर जाते हैं…
तो बुरा समय क्यों ठहरेगा…
आंधी आए, तूफ़ान आए…