भारत का अभिमान…

विक्रम पहुंचा चांद पर,
भारत का अभिमान।
रोम- रोम पुलकित हुआ

सब कुछ अनुकूल नहीं होता…

जीवन में दुःख सुख आते हैं , कुछ अनुभव देकर जाते हैं…

तो बुरा समय क्यों ठहरेगा…

तो बुरा समय क्यों ठहरेगा…

पर हार नहीं मानेंगे हम…

आंधी आए, तूफ़ान आए…