UP में 10वीं बोर्ड की परीक्षा रद्द, प्रमोट होंगे 29 लाख विद्यार्थी, 12वीं की परीक्षा जुलाई में

लखनऊ

बोर्ड परीक्षाओं को लेकर उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने बड़ा फैसला किया है। इसके अनुसार अब UP में  10वीं बोर्ड की परीक्षाएं रद्द कर दी गई हैं। 10वीं बोर्ड के सभी विद्यार्थियों को अगली क्लास के लिए प्रमोट किया जाएगा। UP में ऐसे विद्यार्थियों की तादाद करीब 29 लाख है। अब इन सभी को बिना परीक्षा दिए ही पास कर दिया जाएगा। योगी सरकार ने ये फैसला कोरोना के चलते किया है। इस बीच एक बड़ी खबर यह भी आ रही है कि UP में 12वीं की परीक्षा जुलाई के दूसरे हफ्ते में हो सकती है। इसका समय भी घटा कर डेढ़ घंटे किया जा सकता है। इस समय अवधि में भी 12वीं के बच्चों को सिर्फ  तीन सवाल के जवाब देने होंगे। योगी सरकार ने कक्षा 6, 7, 8, 9 व 11 के छात्रों को भी प्रोन्नत करने का निर्णय किया है।सीएम योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में सम्पन्न बैठक में ये  निर्णय किए । कक्षा 10 के बच्चों के कक्षा 11 में प्रोन्नति के विस्तृत दिशा निर्देश तैयार करने का निर्देश भी उत्तर प्रदेश मध्यमिक शिक्षा परिषद को दे दिया गया है।

आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश में फरवरी और मार्च में होने वाली माध्यमिक शिक्षा परिषद की हाईस्कूल व इंटर मीडिएट परीक्षा 2021 कोरोना संक्रमण के चलते नहीं हो सकी है। पिछले शिक्षण सत्र 2020 में 18 फरवरी में परीक्षाएं हुई थीं। लेकिन पहले चुनाव की वजह से परीक्षाओं का कार्यक्रम दो बार घोषित करके स्थगित करना पड़ा है। CBSE पहले ही यह फैसला कर चुका है कि 10वीं के  परीक्षार्थियों को अगली कक्षा में प्रमोट किया जाएगा । इसके बाद से यही कयास लगाया जा रहा था कि यूपी बोर्ड भी ऐसा ही फैसला करेगा। अब यूपी बोर्ड ने भी CBSE की तरह परीक्षा रद्द करने का फैसला ले लिया।

उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा

कक्षा 12 की परीक्षा आयोजित कराई जाएगी
UP के उप मुख्यमंत्री और माध्यमिक तथा उच्च शिक्षा विभाग के मंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने बताया कि सरकार ने मंथन के बाद 2021 की हाईस्कूल की परीक्षा को निरस्त कर दिया गया है। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की वर्ष 2021 की कक्षा दस की परीक्षा को निरस्त करने के साथ ही सरकार ने कक्षा 12 की परीक्षा के महत्व तथा छात्रों के भविष्य पर इंटरमीडिएट परीक्षा के अंकों की भूमिका के कारण ही कक्षा-12 की परीक्षा को कराने की योजना भी बना ली है। कोरोना वायरस के कहर के कारण आगे की परिस्थितियां अनुकूल होने पर वर्ष 2021 की कक्षा 12 की परीक्षा का आयोजन कराया जाएगा। कक्षा 12 की बोर्ड परीक्षा में परीक्षा अवधि को डेढ़ घंटा रखा जाएगा। छात्रों को प्रश्नपत्र के किन्ही दस में से सिर्फ तीन का ही उत्तर देना होगा। इसकी विस्तृत समय सारणी शीघ्र ही साझा की जाएगा। पूर्व के भांति इस वर्ष भी 15 कार्य दिवसों में परीक्षा संपादित की जाएगी। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की कक्षा 12 की बोर्ड परीक्षा में 26,10,316 छात्रों का पंजीकरण हुआ है।

कक्षा छह से 11 तक के सभी छात्र-छात्राएं भी होंगे प्रमोट
योगी सरकार ने इसके साथ ही समस्त बोर्ड के सभी स्कूलों के कक्षा 6, 7, 8, 9 एवं 11 के छात्रों को भी प्रोन्नत करने का भी निर्णय कर लिया है। उप मुख्यमंत्री डॉ.दिनेश शर्मा ने बताया कि बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों में कक्षा 6, 7 ,8 के छात्रों को अगली कक्षा में प्रोन्नति देने का निर्णय का शासनादेश पूर्व में जारी कर दिया गया है। अब यह निर्णय लिया गया है कि यदि किसी बोर्ड विशेष का अन्यथा आदेश न हो तो प्रदेश के समस्त बोर्ड के समस्त विद्यालयों की कक्षा 6, 7, 8 के छात्रों को अगली कक्षा में सामान्य प्रोन्नति दी जाए। कक्षा 9 एवं 11 के छात्रों को उनकी वार्षिक  परीक्षा के परीक्षाफल के आधार पर अगली कक्षा में प्रोन्नति दी जाए। यदि किसी विद्यालय में वार्षिकपरीक्षा अभी तक संपादित नहीं हो पाई है तो वह छात्र के वर्ष भर किए गए आंतरिक मूल्यांकन के आधार पर अगली कक्षा में प्रोन्नति देंगे।

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यदि कोई आंतरिक मूल्यांकन उपलब्ध नहीं है तो सामान्य रूप से छात्र को प्रोन्नति दी जाए। यदि बोर्ड विशेष का कोई इस संबंध में आदेश होगा तो वह लागू होगा अन्यथा कक्षा 6, 7, 8, 9 एवं 11 की उक्त वॢणत व्यवस्था, प्रदेश के समस्त बोर्ड के समस्त विद्यालयों पर लागू होगी। इन सभी आदेशों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा। जिला विद्यालय निरीक्षक को इसके नियमित अनुश्रवण एवं अनुपालन का दायित्व सौंपा गया है। यदि किसी विद्यालय ने इन निर्देशों का पालन नहीं किया तो अभिभावक द्वारा जिले में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित नियामक समिति के समक्ष शिकायत करने को स्वतंत्र हैं।