‘मां मर गई… रहम कर लो साहब’ | डेथ क्लेम पास करने के बदले 7.5 लाख मांगने वाला बाबू ACB के जाल में फंसा

उदयपुर में ACB ने राज्य बीमा एवं प्रोविडेंट फंड विभाग के सीनियर असिस्टेंट को डेथ क्लेम पास कराने के बदले रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया। आरोपी पहले 7.5 लाख रुपये मांग रहा था, बाद में 1.5 लाख में डील तय हुई।

उदयपुर 

उदयपुर में भ्रष्टाचार की ऐसी तस्वीर सामने आई है, जिसने सरकारी दफ्तरों की संवेदनहीनता पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। मां की मौत के बाद डेथ क्लेम के लिए भटक रहे बेटे से एक सरकारी बाबू ने पहले साढ़े 7 लाख रुपये मांगे, फिर ‘मेहरबानी’ दिखाते हुए डेढ़ लाख में सौदा तय कर लिया। लेकिन रिश्वत की ये डील पूरी होने से पहले ही भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने जाल बिछा दिया और राज्य बीमा एवं प्रोविडेंट फंड विभाग के सीनियर असिस्टेंट शेखर मथुरिया को 1 लाख रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ लिया।

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’19 लाख नहीं… 34 लाख दिला दूंगा’

ACB के मुताबिक, मामला एक सरकारी शिक्षिका के डेथ क्लेम से जुड़ा है। शिक्षिका की मौत के बाद उनके बेटे और भाई क्लेम की प्रक्रिया पूरी करने विभाग पहुंचे थे।

इसी दौरान आरोपी सीनियर असिस्टेंट शेखर मथुरिया ने उन्हें दफ्तर के अंदर बुलाने के बजाय बाहर कार में बैठाकर बातचीत शुरू की। उसने दावा किया कि क्लेम राशि अभी करीब 19.5 लाख रुपये बन रही है, लेकिन अगर ‘कमियां’ दूर कर दी जाएं तो वह इसे 34.5 लाख रुपये तक पास करवा सकता है। यहीं से रिश्वत का खेल शुरू हुआ।

’15 लाख ज्यादा दिलाऊंगा… आधा मेरा’

आरोपी ने कथित तौर पर कहा कि अगर 15 लाख रुपये ज्यादा दिलवाए जाएंगे तो उसका 50 प्रतिशत हिस्सा यानी 7.5 लाख रुपये उसे देने होंगे। सबसे दर्दनाक बात ये रही कि सामने बैठा बेटा बार-बार कहता रहा कि उसके पिता पहले ही गुजर चुके हैं और अब मां भी नहीं रही। लेकिन रिश्वतखोर बाबू का दिल नहीं पसीजा। आखिरकार सौदा डेढ़ लाख रुपये में तय हुआ।

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पहली किस्त लेते ही ACB ने दबोचा

भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के महानिदेशक पुलिस गोविंद गुप्ता ने बताया कि शिकायत मिलने के बाद ACB इंटेलिजेंस यूनिट उदयपुर ने पूरे मामले का सत्यापन किया। 11 मई को हुई पुष्टि के बाद 12 मई को ट्रैप कार्रवाई की गई। तय रकम में से पहली किस्त के तौर पर 1 लाख रुपये लेते ही आरोपी को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया गया। यह कार्रवाई ACB इंटेलिजेंस यूनिट प्रभारी डॉ. सोनू शेखावत की टीम ने अंजाम दी।

‘ऊपर बात करके बताता हूं…’ से बढ़ा शक

पूरे घटनाक्रम में आरोपी बार-बार यह कहता रहा कि “राशि कम करने के बारे में ऊपर बात करके बताता हूं…”। इसी बयान ने जांच एजेंसियों का शक और बढ़ा दिया है। अब ACB यह पता लगाने में जुटी है कि क्या इस पूरे खेल में विभाग के अन्य अधिकारी भी शामिल थे। आरोपी के दफ्तर का रिकॉर्ड खंगाला जा रहा है और उसके अन्य ठिकानों पर भी छापेमारी की तैयारी बताई जा रही है।

डेथ क्लेम भी नहीं छोड़ा…

इस मामले ने लोगों को इसलिए भी झकझोर दिया क्योंकि यहां रिश्वत किसी ठेके, ट्रांसफर या टेंडर के लिए नहीं, बल्कि मृत शिक्षिका के डेथ क्लेम के बदले मांगी गई। अब जांच आगे बढ़ने के साथ इस मामले में और बड़े खुलासों की संभावना जताई जा रही है।

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