योगेन्द्र गुप्ता
बिगड़ती स्थिति की बजाए राहुल गांधी के विचारों को दी तवज्जो
जयपुर। राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार ने काफी जद्दोजहद के बाद आखिर 6 मई को देर रात को राजस्थान में 14 दिन के सम्पूर्ण लॉकडाउन की घोषणा कर दी। प्रदेश में 10 मई से 24 मई तक लॉकडाउन रहेगा। हालांकि इसकी शुरुआत 7 मई शुक्रवार से ही हो जाएगी। आपको बता दें कि राजस्थान में कोरोना के लगातार बढ़ते संक्रमण के कारण वीकेंड लॉकडाउन पहले से ही लागू है। इसके तहत पाबंदियां लॉकडाउन जैसी ही हैं। शुक्रवार शाम 6 बजे से लेकर सोमवार सुबह 5 बजे तक वीकेंड लॉकडाउन यानी कर्फ्यू रहेगा। इसके तहत बाजार पूरी तरह बंद रहेंगे और सोमवार सुबह यानी 10 मई से सरकार ने 14 दिन के सम्पूर्ण लॉकडाउन लगाने की घोषणा कर दी है। लॉकडाउन के कारण प्रदेश में 31 मई तक शादी समाराहों पर रोक लगा दी है।राजस्थान की गहलोत सरकार प्रदेश की बिगड़ती कोरोना संक्रमण की स्थितियों की बजाए इस बात का दिनभर इन्तजार करती रही कि आखिर राहुल गांधी लॉकडाउन को लेकर क्या विचार रखते हैं।
राहुल गांधी के कारण दिनभर रही असमंजस
राजस्थान की गहलोत सरकार प्रदेश की बिगड़ती कोरों संक्रमण की स्थितियों की बजाए इस बात का दिनभर इन्तजार करती रही कि आखिर राहुल गांधी लॉकडाउन को लेकर क्या विचार रखते हैं। क्योंकि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राजस्थान में संपूर्ण लॉकडाउन के संकेत पहले ही दे दिए थे, लेकिन लॉकडाउन को लेकर राहुल गांधी के दो तरह के विचार आने से वे कोई फैसला नहीं कर पर रहे थे। जबकि गहलोत जानते थे कि राजस्थान के हालात ख़राब हो रहे हैं। पर उन्होंने प्रदेश के बिगड़ते हालत के बजाए राहुल गांधी के मत का इन्तजार करना ज्यादा जरूरी समझा। पर राहुल गांधी के दो तरह के विचार आ जाने से फंस गए और निर्णय दिनभर लटकता-झूलता रहा। रात को जब स्थितियां साफ हीन तब जाकर सरकार की और से लॉक डाउन की घोषणा की गई।
ऐसे असमंजस में फंसे गहलोत
आपको बता दें कि राहुल गांधी ने 4 मई को ट्वीट करके देशव्यापी लॉकडाउन को ही एकमात्र उपाय बताया। राहुल गांधी ने चार मई को ट्वीट कर लिखा-मैं यह साफ कर देना चाहता हूं कि भारत सरकार की रणनीतिक कमी के बाद अब लॉकडाउन ही एकमात्र विकल्प बचा है। उन्होंने वायरस को न केवल आने दिया, बल्कि इस स्टेज तक पहुंचने में मदद की, अब इसे रोकने का दूसरा कोई रास्ता नहीं है। भारत के खिलाफ अपराध किया गया है। इसके बाद गहलोत ने राहुल गांधी के देशव्यापी लॉकडाउन के आइडिया का समर्थन किया था और योजनाबद्ध तरीके से लॉकडाउन लगाने की पैरवी की। गहलोत ने साथ ही यह भी तर्क दिया कि योजनाबद्ध लॉकडाउन ही कोरोना संक्रमण की चेन तोड़ने में मददगार हो सकता है। इसके बाद संकेत मिलने लगे थे कि अब लॉक डाउन की घोषणा होने ही वाली है। पर राहुल गांधी ने गहलोत के समर्थन करने के कुछ घंटे बाद ही राहुल गांधी ने विचार बदलते हुए संपूर्ण लॉकडाउन को गलत करार देते हुए इसका विरोध कर दिया। इससे गहलोत असमंजस में फंस गए।
चार घंटे बाद ही राहुल ने पलटी खाई
गहलोत के समर्थन करने के चार घंटे बाद ही लॉकडाउन पर राहुल गांधी ने पलटी खाई और 6 मई को 7 बजकर 4 मिनट पर ट्वीट किया- पिछले साल का अनियोजित लॉकडाउन जनता पर घातक वार था। इसलिए मैं सम्पूर्ण लॉकडाउन के ख़िलाफ़ हूं। लेकिन पीएम की नाकामी, केंद्र सरकार की ज़ीरो रणनीति देश को पूर्ण लॉकडाउन की ओर धकेल रहे हैं। ऐसे में ग़रीब जनता को आर्थिक पैकेज और तुरंत हर तरह की सहायता देना ज़रूरी है। राहुल गांधी (rahul gandhi) के ट्वीट के बाद कुछ घंटों तक गहलोत सरकार का मंथन चलता रहा और आखिर में गुरुवार रात को राजस्थान में सम्पूर्ण लॉकडाउन की घोषणा कर दी गई।
31 मई तक शादी समाराहों पर रोक
लॉकडाउन के कारण प्रदेश में 31 मई तक शादी समाराहों पर रोक लगा दी है। गहलोत मंत्रिपरिषद की बैठक में सख्त लॉकडाउन लगाने को मंजूरी दे दी। गांवों में मनरेगा के काम बंद रहेंगे। 5 मंत्रियों की कमेटी ने 31 मई तक शादी समाराहों पर रोक लगाने और 24 मई तक सख्त लॉकडाउन लगाने की सिफारिश की थी। पांच मंत्रियों के ग्रुप ने मंत्रिपरिषद की बैठक में रिपोर्ट रखी जिस पर सहमति बन गई। सोमवार 10 मई से लॉकडाउन के नए प्रावधान लागू होंगे। इसमें पहले से चल रही पाबंदियों को और कड़ा किया जाएगा। निजी और रोडवेज बसों को भी बंद किया जाएगा। एक जिले से दूसरे जिले में आवागमन बंद किया जाएगा।
घर पर शादी या कोर्ट मैरिज की अनुमति
शादी समाराहों पर 31 मई तक पूरी रोक रहेगी। घर पर शादी या कोर्ट मैरिज की अनुमति होगी। शादी में 11 से ज्यादा लोग शामिल नहीं हो सकेंगे। किसी भी प्रकार के समारोह, डीजे, बारात, निकासी, प्रीतिभोज आदि की अनुमति 31 मई तक नहीं होगी। वेब पोर्टल पर शादी की अनुमत लेनी होगी। शादी में बैण्ड-बाजे, हलवाई, टैन्ट या इस प्रकार के अन्य किसी भी व्यक्ति के सम्मिलित होने की अनुमति नहीं होगी। शादी के लिए टैन्ट हाउस, हलवाई से संबंधित किसी भी प्रकार के सामान की होम डिलीवरी भी नहीं की जा सकेगी। मैरिज गार्डन, मैरिज हॉल एवं होटल परिसर को शादी-समारोह के लिए बंद रहेंगे।
बुकिंग राशि लौटानी होगी
विवाह स्थल मालिकों, टैन्ट व्यवसायियों, कैटरिंग संचालकों और बैण्ड-बाजा वादकों आदि को एडवांस बुकिंग राशि आयोजनकर्ता को लौटानी होगी या बाद में आयोजन करने पर समायोजित करनी होगी।
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