नई दिल्ली
EPF Rate Update: बजट से पहले केंद्र सरकार ने सात करोड़ लोगों को तोहफा दिया है। केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने गुरुवार को बड़ा ऐलान करते हुए कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) डिपॉजिट के लिए ब्याज बढ़ोतरी की मंजूरी दे दी है। सरकार ने वित्त वर्ष 2023-24 के लिए EPF की बढ़ी हुई रेट को नोटिफाई कर दिया है। एम्पलॉय प्रॉविडेंट फंड ऑर्गनाइजेशन (EPFO) ने गुरुवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इसकी जानकारी दी। अब ईपीएफ मेंबर्स को ब्याज की रकम के क्रेडिट होने का इंतजार है।
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EPFO ने कहा कि केंद्र सरकार ने वित्त वर्ष 2023-24 के लिए 8.25 फीसदी ईपीएफ रेट को नोटिफाई कर दिया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपने पोस्ट में ईपीएफओ ने लिखा है कि एम्पलॉय प्राविडेंट फंड पर जो ब्याज घोषित किया गया है हाल के वर्षों में ये सबसे ज्यादा है और दूसरे सभी छोटी बचत योजनाओं, जीपीएफ और पीपीएफ के ब्याज दरों से ज्यादा है।
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ईपीएफओ के मुताबिक सामान्य तौर पर वित्त वर्ष के खत्म होने के बाद अगले वित्त वर्ष की पहली तिमाही में ईपीएफ के ब्याज दर को घोषित किया जाता है। ईपीएफओ ने कहा, वित्त वर्ष 2023-24 के लिए ईपीएफ पर जो ब्याज घोषित किया गया है वो हाल के वर्षों में सबसे ज्यादा है जिससे ईपीएफ मेंबर्स को ज्यादा फायदा मिल सके। ईपीएफओ के मुताबिक ईपीएफ पर घोषित ब्याज दर, छोटी बचत योजनाओं, जीपीएफ और पीपीएफ पर मिलने वाले ब्याज दरों से ज्यादा है।
आपको बता दें कि 10 फरवरी 2023 को सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज (CBT) ने वित्त वर्ष 2023-24 के लिए 8.25 फीसदी ईपीएफ रेट की घोषणा की थी। तात्कालिक श्रम मंत्री भूपेंद यादव की अध्यक्षता में वित्त वर्ष 2023-24 के लिए 8.25 फीसदी ईपीएफ रेट पर फैसला लिया गया था। सीबीटी के फैसले के बाद 2023-24 के लिए ईपीएफ जमा पर ब्याज दर को सहमति के लिए वित्त मंत्रालय को भेजा गया था, जिसे अब मंजूरी दी जा चुकी है। अब इस रेट को नोटिफ़ाई किया गया है। ईपीएफ मेंबर्स को ब्याज की रकम के क्रेडिट होने का इंतजार है। आपको बात दें कि EPFO ने पिछले वर्ष की 8.15% की दर से 2023-24 के लिए ब्याज दर बढ़ाकर 8.25% कर दी।
ईपीएफओ ने जब घटाया था ब्याज
मार्च 2022 में ईपीएफओ ने करीब 7 करोड़ कर्मचारियों को बड़ा झटका दिया था। कर्मचारियों के लिए 2021-22 के लिए EPF पर ब्याज को घटाकर चार दशक के निचले स्तर 8.1 प्रतिशत कर दिया था, जो 2020-21 में 8.5 प्रतिशत था। ब्याज में कटौती होने के बाद ईपीएफ का ब्याज 1977-78 के बाद से सबसे कम हो गया था। वित्त वर्ष 1977-78 में ईपीएफ ब्याज दर 8 प्रतिशत था।2020-21 के लिए ईपीएफ जमा (EPF Deposit) पर 8.5 प्रतिशत ब्याज दर सीबीटी द्वारा मार्च 2021 में तय की गई थी।
इस साल भी घटा था ब्याज
मार्च 2020 में भी ईपीएफओ ने 2019-20 के लिए भविष्य निधि जमा (EPF Deposit) पर ब्याज दर को घटाकर सात साल के निचले स्तर 8.5 प्रतिशत कर दिया था, जो 2018-19 के लिए 8.65 प्रतिशत थी। EPFO ने अपने ग्राहकों को 2016-17 में 8.65 प्रतिशत और 2017-18 में 8.55 प्रतिशत ब्याज दर दी थी। वहीं 2015-16 में ब्याज दर थोड़ी अधिक 8.8 प्रतिशत थी। इसके अलावा, ईपीएफओ ने 2013-14 के साथ-साथ 2014-15 में 8.75 प्रतिशत ब्याज दर दिया था।
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