राजसमंद में 3.12 करोड़ के CGST नोटिस के सेटलमेंट के नाम पर 60 लाख की कथित रिश्वत मांगने का मामला सामने आया है। ACB ने 25 लाख लेते दो बिचौलियों को पकड़ा।
राजसमंद: करीब 3.12 करोड़ रुपये के CGST नोटिस से राहत दिलाने के नाम पर 60 लाख रुपये की कथित रिश्वत की डील का मामला सामने आया है। राजस्थान भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने कार्रवाई करते हुए रिश्वत की पहली किस्त के 25 लाख रुपये लेते दो कथित बिचौलियों अनिल पारीक और सुशील को ट्रैप किया है। कार्रवाई के बाद मामले में CGST के सुपरिटेंडेंट सांवलराम की कथित भूमिका भी जांच के घेरे में आ गई है। एसीबी ने उन्हें भी डिटेन किया है।
नोटिस सेटलमेंट के नाम पर मांगे जा रहे थे 60 लाख
मामले की शुरुआत एक शिकायत से हुई। परिवादी को करीब 3 करोड़ 12 लाख रुपये का CGST नोटिस मिला था। आरोप है कि नोटिस का सेटलमेंट कराने और मामले में राहत दिलाने के नाम पर 60 लाख रुपये की रिश्वत मांगी जा रही थी। शिकायत एसीबी तक पहुंचने के बाद अधिकारियों ने पहले आरोपों का सत्यापन कराया। सत्यापन में शिकायत से जुड़े तथ्य सामने आने के बाद एसीबी ने ट्रैप की कार्रवाई की योजना बनाई।
25 लाख रुपये की पहली किस्त लेते ही दबोचे गए
तय योजना के तहत एसीबी टीम ने कार्रवाई की और 25 लाख रुपये की पहली किस्त लेते अनिल पारीक और सुशील को पकड़ लिया। दोनों को कथित तौर पर रिश्वत की रकम लेते हुए ट्रैप किया गया। कार्रवाई के दौरान जांच आगे बढ़ी तो मामले में CGST सुपरिटेंडेंट सांवलराम की भूमिका भी सामने आने की बात कही गई। इसके बाद एसीबी ने उन्हें भी डिटेन कर लिया।
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सुकेत से डिटेन हुआ CGST सुपरिटेंडेंट
जानकारी के अनुसार सांवलराम को कोटा के सुकेत से डिटेन किया गया। झालावाड़ एसीबी की टीम उन्हें लेकर राजसमंद पहुंच रही है। अब एसीबी यह पता लगाने में जुटी है कि कथित रिश्वत की रकम किसके कहने पर मांगी गई, 60 लाख की डील में किस-किस की भूमिका थी और रकम के लेन-देन की पूरी कड़ी कहां तक जुड़ी है। एसीबी की जांच में रिश्वत की मांग, रकम के लेन-देन और CGST अधिकारियों की कथित भूमिका से जुड़े पहलुओं को खंगाला जा रहा है।
यह ट्रैप कार्रवाई एसीबी एएसपी हिम्मत सिंह की टीम ने की। कार्रवाई DIG डॉ. रामेश्वर सिंह के सुपरविजन में हुई। वहीं DG गोविंद गुप्ता और ADG स्मिता श्रीवास्तव के निर्देशों के तहत ट्रैप की कार्रवाई किए जाने की जानकारी सामने आई है।
एसीबी की कार्रवाई के बाद CGST से जुड़े इस मामले में विभागीय स्तर पर भी हलचल बढ़ गई है। फिलहाल जांच जारी है। आरोपियों से पूछताछ और आगे की कार्रवाई के बाद कथित रिश्वत की डील में शामिल अन्य लोगों और रकम के पूरे नेटवर्क से जुड़े तथ्य सामने आने की संभावना है।
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