खुश खबर : रेल सुपरवाइजरों को मिलेगा अधिकारी का दर्जा, बोर्ड ने 16 नवंबर तक मांगी जानकारी

नई दिल्ली 

रेल सुपरवाइजरों के लिए खुश खबर है। अब शीघ्र ही उनको अधिकारी के समकक्ष का दर्जा मिलने जा रहा है। इससे ट्रेनों का संचालन करने में काफी अहम भूमिका निभाने वाले स्टेशन अधीक्षक, गार्ड व जूनियर इंजीनियर आदि लाभान्वित होंगे। रेलवे बोर्ड ने सुपरवाइजरों से संबंधित सूचना 16 नवंबर तक मांगी है।

रेलवे बोर्ड के अधिशासी निदेशक पे कमीशन द्वितीय एमके गुप्ता ने इस बाबत हाल ही में सभी जोन के महाप्रबंधक को एक पत्र जारी किया है। इसमें सुपरवाइजरों से संबंधित सूचना 16 नवंबर तक भेजने के आदेश द‍िए गए हैं। इन आदेशों के बाद मंडल रेल प्रशासन सुपरवाइजरों की सूचना तैयार करने में जुट गया है।

सुपरवाइजर को पदोन्नति देने या अधिकारी के समकक्ष बनाने व 54050 रुपए पे ग्रेड देने की मांग की जा रही थी। रेलवे बोर्ड ने आखिर में सुपरवाइजरों की मांग मान ली है। इसमें अधिकारी के समकक्ष अधिकार व पे ग्रेड दिया जाना है।

जिस पद पर भर्ती, उसी से हो जाते हैं रिटायर
आपको बता दें कि ट्रेन संचालन व रेलवे के अन्य काम के लिए सुपरवाइजर तैनात किए जाते हैं। इनकी ट्रेनों का संचालन करने में काफी अहम भूमिका होती है। रेलवे अधिकारी केवल आदेश देते हैं। जबकि रेलवे कर्मचार‍ियों में सबसे अधिक वरिष्ठ पद सुपरवाइजर का होता है, इसके बाद जूनियर अधिकारी का पद आता है। लेकिन अधिकांश सुपरवाइजर जिस पद व वेतनमान पर भर्ती होते हैं, उसी पद से र‍िटायर भी हो जाते हैं। रेलवे के नियम के अनुसार कर्मचारी को सेवाकाल में तीन पदोन्नति दी जाती है, लेकिन सुपरवाइजर को पदोन्नति नहीं म‍िलती है।

जूनियर इंजीनियर पद पर 4200 रुपये पे ग्रेड पर भर्ती होते हैं, वह सहायक इंजीनियर भी नहीं बन पाते। इसी तरह से गार्ड के पद पर भर्ती होने वाले कर्मचारी भी गार्ड के पद से सेवानिवृत्त हो जाते हैं। पदोन्नति के नाम पर पद के आगे वरिष्ठ जोड़ दिया जाता है। इसी तरह स्टेशन अधीक्षक जैसे कई पद भी हैं।

आल इंडिया रेलवे मेंस फेडरेशन के राष्ट्रीय महामंत्री शिव गोपाल मिश्रा मीडिया में आए बयानों के अनुसार सुपरवाइजरों को पदोन्नति व पे ग्रेड बढ़ाने की मांगों को लेकर रेलवे बोर्ड से कई बार वार्ता हो चुकी है। इसके बाद बोर्ड ने यह आदेश जारी किया है।

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