टोक्यो
भारत की स्टार शटलर पीवी सिंधु (PV Sindhu) ने इतिहास रच दिया है। सिंधु ने ब्रॉन्ज मेडल मैच में चीन की जियाओ बिंग हे (He Bing Jiao) को 21-13, 21-15 से हराया। इस जीत के साथ सिंधु ओलंपिक खेलों में दो मेडल जीतने वाली पहली भारतीय महिला भी बन गईं। सिंधु ने रियो ओलंपिक-2016 में सिल्वर मेडल अपने नाम किया था।
बिंग जियाओ के खिलाफ मुकाबले में सिंधु ने शुरू से ही आक्रामक खेल दिखाया और पहले गेम में 11-8 की बढ़त बनाई। इसके बाद बढ़त को 16-10, 19-12 किया और पहला गेम 21-13 से जीत लिया। दूसरे गेम में भी भारतीय शटलर ने अच्छी शुरुआत की और देखते ही देखते 5-2 की बढ़त बना ली।बिंग जियाओ पहला गेम हारने के बाद कुछ दबाव में नजर आईं जिससे उनके शॉट बाहर भी पड़े।
सिंधु और जियाओ के बीच अब तक कुल 16 मैच हुए हैं। इसमें से जियाओ ने 9 मैच और सिंधु ने 7 मैच जीते हैं। सिंधु ने जियाओ को पिछले दोनों मैच में हराया है। इस मैच से पहले सिंधु ने चीनी खिलाड़ी को 21-19, 21-19 से हराया था।
हैदराबाद की 26 साल की शटलर सिंधु के खिलाफ दूसरे गेम में बिंग जियाओ ने वापसी की भी कोशिशें की और स्कोर 6-8 किया। सिंधु ने हालांकि कम गलतियां करते हुए बढ़त को बरकरार रखा और स्कोर 11-8 कर दिया। बिंग जियाओ ने फिर 11-11 से बराबरी की लेकिन वर्ल्ड चैंपियन सिंधु ने 16-13 से बढ़त ली और फिर 21-15 से गेम जीतकर मेडल पर कब्जा जमाया। टोक्यो ओलंपिक में यह भारत का दूसरा पदक है। इससे पहले वेटलिफ्टर मीराबाई चानू (Mirabai Chanu) ने सिल्वर मेडल जीतकर भारत का पदकों का खाता खोला था।
सिंधु को सेमीफाइनल में वर्ल्ड नंबर-1 चीनी ताइपे की ताइजु यिंग के खिलाफ 21-18, 21-13 से हार का सामना करना पड़ा। यह मैच हारकर वह गोल्ड और सिल्वर के रेस से बाहर हो गईं। सिंधु को चीनी ताइपे की खिलाड़ी ने लंबी रैली, माइंड गेम और नेट प्ले में हराया था।
पीवी सिंधु का टोक्यो ओलिंपिक में सफर
- पहले मैच में इजराइल की सेनिया पोलिकरपोवा को 21-7, 21-10 से हराया
- दूसरे मैच में हांगकांग की गन यी चियुंग को 21-9, 21-16 से हराया।
- प्री-क्वार्टर फाइनल में डेनमार्क की मिया ब्लिचफेल्ट को 21-15, 21-13 से हराया
- क्वार्टर फाइनल में जापान की अकाने यामागूची को 21-13, 22-20 से हराया
- सेमीफाइनल में चीनी ताइपे की ताइजु यिंग ने सिंधु को 21-18, 21-12 से हराया।
दिग्गज पहलवान सुशील कुमार बीजिंग 2008 खेलों में ब्रॉन्ज और लंदन 2012 खेलों में सिल्वर पदक जीतकर ओलंपिक में दो व्यक्तिगत पदक जीतने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी बने थे। सिंधु ने इससे पहले ब्राजील के शहर रियो में हुए ओलंपिक खेलों में सिल्वर मेडल हासिल किया था, लेकिन वह गोल्ड लाने से महज एक कदम दूर रह गईं थीं। तब उन्हें फाइनल में स्पेन की कैरोलिना मारिन के खिलाफ हार झेलनी पड़ी थी। पिछले ओलंपिक में भारतीय दल ने सिर्फ दो मेडल ही हासिल किए थे। इसमें सिंधु के अलावा कुश्ती में साक्षी मलिक ने ब्रॉन्ज मेडल कर कब्जा जमाया था।
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भारत को बैडमिंटन में ओलंपिक में 3 मेडल मिले है। साइना नेहवाल ने लंदन ओलंपिक 2012 में ब्रॉन्ज मेडल जीता था।सिंधू को सेमीफाइनल में चीनी ताइपे की ताइ जू यिंग के खिलाफ 18-21, 12-21 से शिकस्त झेलनी पड़ी थी। सिंधु भले ही गोल्ड ना जीत पाई हों पर उन्होंने ब्रॉन्ज मेडल जीतकर इतिहास रच दिया।
