नदबई के कॉलेज में विद्यार्थियों को क्यों किया गया आगाह? नशे के शारीरिक ही नहीं, मानसिक नुकसान भी बताए

नदबई के राजकीय महाविद्यालय में नई किरण नशा मुक्ति केंद्र के अंतर्गत व्याख्यान आयोजित हुआ। डॉ. मुकेश चंद गोयल सहित वक्ताओं ने नशे के दुष्प्रभावों पर जागरूक किया।

नदबई। नशे का असर केवल शरीर तक सीमित नहीं रहता, बल्कि यह मानसिक स्थिति और सामाजिक जीवन को भी प्रभावित करता है। इसी विषय पर विद्यार्थियों को जागरूक करने के लिए राजकीय महाविद्यालय नदबई में स्थापित नई किरण नशा मुक्ति केंद्र के अंतर्गत विशेष व्याख्यान आयोजित किया गया। कार्यक्रम में नशे के दुष्परिणामों पर चर्चा के साथ विद्यार्थियों को नशे से दूर रहने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. मुकेश चंद गोयल रहे। व्याख्यान के दौरान विद्यार्थियों को नशे से होने वाले शारीरिक, मानसिक और सामाजिक नुकसान की जानकारी दी गई। साथ ही समाज में नशामुक्ति के प्रति जागरूकता फैलाने का संदेश दिया गया।

नशामुक्त समाज के लिए जागरूकता पर जोर

कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों से परिचित कराना और उन्हें नशामुक्त समाज के निर्माण में भागीदारी के लिए प्रेरित करना रहा। वक्तव्य के दौरान स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और नशे से दूरी बनाए रखने की जरूरत पर जोर दिया गया। कार्यक्रम का मंच संचालन डॉ. सीमा सिंह ने किया। नई किरण नशा मुक्ति केंद्र के प्रभारी डॉ. कुणाल रामचंदानी ने आयोजन और व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी संभाली।

इस अवसर पर राजकीय कन्या महाविद्यालय नदबई के प्राचार्य डॉ. जितेंद्र सिंह के साथ प्रशांत चौधरी, ईश्वरी प्रसाद, राधा अग्रवाल, अंकुर, हेमंत, रमेश और महेंद्र सहित अन्य लोगों का सहयोग रहा। व्याख्यान के माध्यम से विद्यार्थियों को नशे के दुष्परिणामों के प्रति सजग रहने, नशामुक्त जीवन अपनाने और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए प्रेरित किया गया।

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