राजस्थान वित्त विभाग ने सरकारी कर्मचारियों के वेतन निर्धारण की सेवा अभिलेखों से दोबारा जांच और अक्टूबर 2026 के वेतन बिलों में प्रमाण-पत्र अंकित करने के निर्देश जारी किए।
जयपुर। राजस्थान के सरकारी कर्मचारियों के वेतन निर्धारण से जुड़े मामलों की दोबारा जांच के निर्देश जारी किए गए हैं। वित्त विभाग ने सभी विभागों को स्पष्ट किया है कि कर्मचारियों के वेतन निर्धारण की पड़ताल सेवा अभिलेखों और संबंधित नियमों के आधार पर की जाए। इस प्रक्रिया के बाद अक्टूबर 2026 के वेतन बिलों में निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार प्रमाण-पत्र अंकित करना होगा।
वित्त विभाग के नियम अनुभाग ने 21 अक्टूबर 2026 को इस संबंध में परिपत्र जारी किया है। इसमें समय-समय पर किए गए वेतन निर्धारणों की पुनः जांच को लेकर पहले जारी निर्देशों का हवाला दिया गया है।
वेतन निर्धारण के इन मामलों की होगी पड़ताल
परिपत्र के अनुसार, सभी विभागों को अपने कर्मचारियों के पुनरीक्षित वेतनमान, पदोन्नति, चयनित वेतनमान और एसीपी, एमएसीपी आदि में किए गए वेतन निर्धारणों की उनके सेवा अभिलेखों से नियमों के अनुरूप गहनता से जांच करनी होगी। वित्त विभाग ने इस संबंध में 5 मई 2026, 6 जुलाई 2026 और 15 सितंबर 2026 को जारी समसंख्यक परिपत्रों का भी उल्लेख किया है।
अक्टूबर के बिल में प्रमाण-पत्र, नवंबर के वेतन से जुड़ा निर्देश
परिपत्र में कहा गया है कि वेतन निर्धारण की पुनः जांच के बाद अक्टूबर 2026 के वेतन बिलों में इस संबंध में प्रमाण-पत्र अंकित किया जाए। साथ ही, राज्य कर्मचारियों के वेतन बिलों में प्रमाण-पत्र अंकित करने के लिए निर्धारित वेतन बिल माह अक्टूबर 2026 के स्थान पर वेतन बिल माह दिसंबर 2026 की जाती है—परिपत्र में दर्ज इस वाक्य के अनुसार संबंधित प्रक्रिया का पालन किया जाना है।
वित्त विभाग का यह निर्देश सभी विभागों को भेजा गया है। परिपत्र पर संयुक्त शासन सचिव हरिश कुमार लालवानी के हस्ताक्षर हैं। इसकी प्रतिलिपि विभिन्न वरिष्ठ अधिकारियों, विभागाध्यक्षों, कोष एवं लेखा निदेशालय, पेंशन एवं पेंशनर्स वेलफेयर विभाग तथा अन्य संबंधित कार्यालयों को भी भेजी गई है।
नोट: नीचे देखें सरकारी आदेश
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