भरतपुर में माहेश्वरी मंडल समिति द्वारा आयोजित पांच दिवसीय महेश नवमी समारोह का भव्य समापन हुआ। धार्मिक अनुष्ठान, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, प्रतिभा सम्मान, वरिष्ठ दंपति सम्मान और समाजसेवियों के अभिनंदन के साथ कार्यक्रम संपन्न हुआ।
भरतपुर। माहेश्वरी वंशोत्पत्ति दिवस ‘महेश नवमी’ के अवसर पर माहेश्वरी मंडल समिति, जिला भरतपुर द्वारा आयोजित पांच दिवसीय समारोह का समापन मंगलवार को भव्य आयोजन के साथ हुआ। धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, प्रतिभा सम्मान और सामाजिक एकजुटता से सजे इस आयोजन में समाज के सैकड़ों लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
जिलाध्यक्ष ओ.पी. माहेश्वरी ने बताया कि इस वर्ष महेश नवमी को पांच दिवसीय उत्सव के रूप में मनाया गया। अंतिम एवं मुख्य समारोह पूर्वोत्तर राजस्थान प्रादेशिक माहेश्वरी सभा के प्रदेश अध्यक्ष जुगल किशोर सोमानी के मुख्य आतिथ्य में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में प्रदेश उपाध्यक्ष रामावतार आगीवाल, प्रदेश मंत्री राजकुमार धूत तथा जयपुर जिला माहेश्वरी समाज के पूर्व जिलाध्यक्ष सुरेन्द्र बजाज विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे।
शाम 5:30 बजे भारत माता, भगवान महेश और मां माहेश्वरी के चित्रों के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। इसके बाद उपस्थित समाजबंधुओं ने सामूहिक रूप से ‘वन्दे मातरम्’ का सस्वर गायन किया। प्रीती, गुंजन और पुष्पलता ने ‘जय महेश बलिहारी’ महेश वंदना प्रस्तुत की, जबकि ममता और रचना ने स्वागत गीत से वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं में बच्चों और युवाओं ने अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता में कनिष्क ने प्रथम और दुर्विक काबरा ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया। नृत्य प्रतियोगिता के ग्रुप-ए में वेदिका काबरा प्रथम तथा दर्शना काबरा द्वितीय रहीं। ग्रुप-सी में उन्नति ने प्रथम तथा छवि ने द्वितीय स्थान हासिल किया।
कार्यक्रम के दौरान प्रीती, रचना, श्वेता, उन्नति, ममता और दीप्ति की नृत्य प्रस्तुतियों ने खूब तालियां बटोरीं। वहीं शशि, भावना, उषा, उन्नति, रचना, गुंजन और मुकेश कुमार ने भक्ति गीतों की प्रस्तुति देकर माहौल को भक्तिरस से सराबोर कर दिया। मुकेश-सुमन की भावपूर्ण कविता को भी खूब सराहना मिली। राघव माहेश्वरी ने अपने उद्बोधन में माहेश्वरी वंशोत्पत्ति के इतिहास और समाज की गौरवशाली परंपरा पर विस्तार से प्रकाश डाला। इसके बाद शोध आधारित लघु फिल्म “माहेश्वरी वंशोदय” का प्रोजेक्टर के माध्यम से प्रदर्शन किया गया।
समारोह में वरिष्ठ दंपति सम्मान के अंतर्गत योगेश कुमार भट्टर एवं विनीता भट्टर का मुख्य अतिथि जुगल किशोर सोमानी और महिला मंडल अध्यक्ष प्रीती माहेश्वरी ने शॉल ओढ़ाकर सम्मान किया। जिलाध्यक्ष ओ.पी. माहेश्वरी और महामंत्री मुकेश कुमार ने समिति की गतिविधियों और आगामी योजनाओं की जानकारी दी। माहेश्वरी धर्मार्थ होम्योपैथी चिकित्सालय के व्यवस्थापक प्रहलाद माहेश्वरी ने चिकित्सालय की सेवाओं की जानकारी साझा की, जबकि कोषाध्यक्ष विकास काबरा ने आय-व्यय का विस्तृत ब्यौरा प्रस्तुत किया।
इस अवसर पर होम्योपैथी चिकित्सक डॉ. शिवांगी शर्मा (BHMS), चिकित्सा सहायक देवेन्द्र सिंह तथा कौशिक होम्योपैथी के संचालक ब्रिजेन्द्र कौशिक का स्मृति चिन्ह एवं पटका पहनाकर सम्मान किया गया। प्रतियोगिताओं की निर्णायक अंजलि कौशिक, अंजलि गुप्ता और वंदना खंडेलवाल को भी प्रतीक चिन्ह भेंट किए गए। प्रदेश माहेश्वरी सभा से आए अतिथियों का भी सम्मान हुआ।
प्रतिभावान छात्र-छात्राओं को सुरेन्द्र बजाज और जुगल किशोर सोमानी ने शील्ड प्रदान कर सम्मानित किया। फैंसी ड्रेस एवं नृत्य प्रतियोगिता के विजेताओं को रामावतार आगीवाल और राजकुमार धूत ने पुरस्कार प्रदान किए। इस वर्ष सीए बने लोकेश माहेश्वरी, बी.एड. उत्तीर्ण आकांक्षा माहेश्वरी तथा बी.टेक. उत्तीर्ण मुकुंद माहेश्वरी को भी विशेष रूप से सम्मानित किया गया।
समिति के संरक्षक मोहनलाल माहेश्वरी ने सामाजिक कुरीतियों को समाप्त करने का आह्वान करते हुए सांत्वना पुरस्कार वितरित किए। मुख्य अतिथि जुगल किशोर सोमानी ने प्रदेश और अखिल भारतीय स्तर पर समाज के विभिन्न ट्रस्टों द्वारा संचालित योजनाओं एवं प्रकल्पों की जानकारी देते हुए समाजजनों से उनका अधिकाधिक लाभ उठाने का आग्रह किया। संरक्षक राज किशोर माहेश्वरी ने सभी का आभार व्यक्त किया।
समारोह में माहेश्वरी धर्मार्थ चिकित्सालय को सहयोग देने वाले भामाशाह अशोक काबरा, नरेंद्र माहेश्वरी (बहादुरगढ़) तथा अशोक लाखोटिया (रायबरेली) का सम्मान भी किया गया। जिलाध्यक्ष ओ.पी. माहेश्वरी ने मीडिया प्रतिनिधियों को प्रतीक चिन्ह भेंट किए। साथ ही वैश्य महासम्मेलन के पदाधिकारी अनुराग गर्ग, अनिल लोहिया और भारत भूषण अग्रवाल का पटका पहनाकर अभिनंदन किया गया।
कार्यक्रम संयोजक ललित माहेश्वरी ने सभी को सहभोज के लिए आमंत्रित किया। कार्यक्रम का संचालन लक्ष्मी नारायण माहेश्वरी ने किया तथा राष्ट्रगान के साथ मुख्य समारोह का समापन हुआ।
मुख्य समारोह से पहले सुबह पांच बजे समाज के सभी सदस्यों ने बिहारी जी के मंगला दर्शन किए और परिक्रमा मार्ग में महामंत्र संकीर्तन के साथ प्रभात फेरी निकाली। इसके बाद सुबह आठ बजे माहेश्वरी कुंज में भगवान महेश-पार्वती की पूजा-अर्चना की गई। सहभोज और ‘जय महेश’ के उद्घोष के साथ पांच दिवसीय महेश नवमी महोत्सव का समापन हुआ।
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