महाराणा प्रताप जयंती पर भरतपुर में गूंजी वीरता की गाथाएं, साहित्य परिषद की विचार एवं काव्य गोष्ठी आयोजित

भरतपुर में अखिल भारतीय साहित्य परिषद द्वारा महाराणा प्रताप जयंती पर विचार एवं काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया। कवियों और साहित्यकारों ने महाराणा प्रताप के शौर्य, स्वाभिमान और राष्ट्रभक्ति को अपनी रचनाओं के माध्यम से श्रद्धांजलि दी।

भरतपुर। अखिल भारतीय साहित्य परिषद्, भरतपुर इकाई के तत्वावधान में महाराणा प्रताप जयंती एवं चित्तौड़ विजय गौरव दिवस के अवसर पर टेगोर पब्लिक स्कूल, बृजनगर में विचार एवं काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रामलीला समिति अध्यक्ष एवं शिक्षाविद ब्रजेश कौशिक रहे, जबकि अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. रामदास शर्मा ने की। विशिष्ट अतिथि के रूप में पूर्व जिला शिक्षा अधिकारी ब्रजेंद्र कौंतेय एवं साहित्यकार कृष्ण विनोद उपस्थित रहे।

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कार्यक्रम का शुभारंभ वरिष्ठ ओज कवि पूरन शर्मा ने मां सरस्वती वंदना के सस्वर पाठ से किया। इसके बाद कवियों एवं साहित्यकारों ने अपनी ओजपूर्ण रचनाओं के माध्यम से महाराणा प्रताप के शौर्य, स्वाभिमान, राष्ट्रभक्ति और बलिदान को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की।

प्रो. डॉ. अशोक कुमार गुप्ता ने बीज वक्तव्य में कहा कि महाराणा प्रताप ने जीवनभर स्वतंत्रता और स्वाभिमान से कभी समझौता नहीं किया। उनका जीवन आज भी राष्ट्रभक्ति और आत्मसम्मान का सर्वोच्च उदाहरण है। उन्होंने कहा कि युवाओं को महाराणा प्रताप के आदर्शों से प्रेरणा लेकर राष्ट्र की रक्षा और गौरव के लिए संकल्प लेना चाहिए।

मुख्य अतिथि ब्रजेश कौशिक ने कहा कि उस दौर में अनेक शक्तिशाली राजाओं ने अकबर की अधीनता स्वीकार कर ली थी, लेकिन महाराणा प्रताप ने अपने स्वाभिमान से कभी समझौता नहीं किया। आज के समय में देश को ऐसे ही स्वाभिमानी और राष्ट्रनिष्ठ व्यक्तित्वों की आवश्यकता है।

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अध्यक्षीय उद्बोधन में डॉ. रामदास शर्मा ने महाराणा प्रताप के जीवन की प्रेरक घटनाओं का उल्लेख करते हुए उन्हें राष्ट्र का अमर नायक बताया।

गोष्ठी में सुरेश शर्मा, जवाहर लाल कटारा, सी.एस. कृष्णा, डॉ. कृष्ण कन्हैया, कृष्ण विनोद, राजेंद्र अनुरागी, पूरन शर्मा, ब्रजेंद्र कौंतेय, लोकेश सिंघल, हरिओम हरि, नरेंद्र निर्मल, राकेश राजस्थानी एवं श्यामसिंह जघीना सहित अनेक कवियों ने अपनी ओजस्वी कविताओं के माध्यम से महाराणा प्रताप के अदम्य साहस और राष्ट्रप्रेम का गुणगान किया।

कार्यक्रम में कैप्टन सुखराम सिंह, ब्रजभूषण शर्मा, अभिषेक शर्मा, मोहित शर्मा, अजनेश चौधरी, रेखा शर्मा, सरोज शर्मा सहित बड़ी संख्या में साहित्य प्रेमी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ कवि नरेंद्र निर्मल ने किया तथा अंत में परिषद संरक्षक प्रो. डॉ. अशोक कुमार गुप्ता ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया।

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