DUSU में ABVP की बड़ी जीत, अध्यक्ष समेत 3 पद झटके; उपाध्यक्ष की कुर्सी निर्दलीय के नाम, NSUI का सूपड़ा साफ

नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव का फैसला सामने आते ही कैंपस की छात्र राजनीति की तस्वीर साफ हो गई है। ABVP ने केंद्रीय पैनल की चार में से तीन सीटों पर जीत दर्ज कर अपना दबदबा कायम रखा, जबकि NSUI किसी भी केंद्रीय पद पर जीत नहीं दर्ज कर सकी। सबसे ज्यादा नजर अध्यक्ष पद पर रही, जहां ABVP के यश डबास और NSUI के विजय शंकर मीणा के बीच मतगणना के दौरान लगातार मुकाबला बदलता रहा। कई राउंड में बढ़त इधर से उधर हुई, लेकिन आखिरी नतीजे में यश डबास ने अध्यक्ष पद अपने नाम कर लिया।

ABVP की यह जीत सिर्फ अध्यक्ष पद तक सीमित नहीं रही। उसके पैनल से रिया छाबड़ी ने सचिव और लक्ष्य राज सिंह ने संयुक्त सचिव पद पर जीत दर्ज की। इस तरह चार केंद्रीय पदों में तीन ABVP के खाते में गए।

वहीं NSUI के लिए अध्यक्ष पद का मुकाबला भले ही आखिरी दौर तक टक्कर वाला रहा, लेकिन संगठन केंद्रीय पैनल की किसी भी सीट पर जीत हासिल नहीं कर पाया। यानी जिस मुकाबले में अध्यक्ष पद पर कांटे की टक्कर देखने को मिली, उसका अंतिम नतीजा ABVP के पक्ष में तीन सीटों और NSUI के लिए शून्य के रूप में सामने आया।

एक सीट पर दोनों संगठनों से बाहर निकला नतीजा

केंद्रीय पैनल की चौथी सीट ने चुनावी तस्वीर में अलग मोड़ जोड़ा। उपाध्यक्ष पद पर निर्दलीय उम्मीदवार दीपांशु शौकीन ने जीत दर्ज की। मतगणना के दौरान शौकीन ने अपनी बढ़त बनाए रखी और अंततः उपाध्यक्ष की कुर्सी अपने नाम कर ली।

इस तरह DUSU के चारों केंद्रीय पदों का नतीजा इस प्रकार रहा—

  • अध्यक्ष: यश डबास — ABVP
  • उपाध्यक्ष: दीपांशु शौकीन — निर्दलीय
  • सचिव: रिया छाबड़ी — ABVP
  • संयुक्त सचिव: लक्ष्य राज सिंह — ABVP

अध्यक्ष पद पर हर राउंड के साथ बदलता रहा मुकाबला

अध्यक्ष पद की मतगणना ने पूरे चुनाव में सबसे ज्यादा उत्सुकता बनाए रखी। ABVP के यश डबास और NSUI के विजय शंकर मीणा के बीच कई राउंड तक बढ़त स्थिर नहीं रही। दोनों उम्मीदवारों के बीच अंतर घटता-बढ़ता रहा और इसी वजह से अंतिम परिणाम का इंतजार भी लंबा हुआ। अंतिम तस्वीर सामने आई तो यश डबास अध्यक्ष निर्वाचित हुए। उनके साथ ABVP के दो अन्य उम्मीदवारों की जीत ने संगठन को चार में से तीन केंद्रीय पद दिला दिए।

17 साल बाद केंद्रीय पैनल में निर्दलीय की एंट्री

उपाध्यक्ष पद पर दीपांशु शौकीन की जीत इस चुनाव की एक अलग खासियत रही। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, पिछले 17 साल में पहली बार DUSU के केंद्रीय पैनल में किसी निर्दलीय उम्मीदवार ने जीत दर्ज की है। यानी इस बार मुकाबला केवल ABVP और NSUI के बीच सीमित नहीं रहा और एक निर्दलीय उम्मीदवार ने भी केंद्रीय पैनल में जगह बनाई।

40.46 फीसदी मतदान, 61 हजार से ज्यादा छात्रों ने डाला वोट

DUSU चुनाव के लिए शुक्रवार को दिल्ली विश्वविद्यालय के 52 कॉलेजों में मतदान कराया गया था। कुल 1,51,519 छात्र मतदान के लिए पात्र थे, जिनमें से 61,312 छात्रों ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया। मतदान प्रतिशत 40.46 फीसदी रहा।

शनिवार सुबह 8 बजे मतगणना शुरू हुई। चुनाव परिणामों को देखते हुए दिल्ली विश्वविद्यालय परिसर और आसपास सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। पुलिस और पैरामिलिट्री बलों की तैनाती के साथ अलग-अलग स्थानों पर बैरिकेडिंग की गई। वैध पहचान पत्र के बिना छात्रों को कॉलेज परिसर में प्रवेश की अनुमति नहीं दी गई।

DUSU के इस चुनाव में अंतिम तस्वीर तीन आंकड़ों में सिमट गई—चार में तीन सीटें ABVP के नाम, एक सीट निर्दलीय के खाते में और NSUI केंद्रीय पैनल में खाली हाथ।

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